जालंधर में इमारत गिरी, 100 से ज्यादा के दबे होने की आशंका

यह इमारत कंबल बनाने वाली इस फैक्ट्री की थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इमारत में रोजाना करीब ढाई सौ लोग काम करते हैं और रात के वक्त काम जारी था। सूचना पाते ही पुलिस फायर ब्रिगेड की टीम लेकर मौके पर पहुंची। करीब साढ़े बारह बजे मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया। रात भर चले राहत कार्य में करीब 40 लोगों को जिंदा निकाल लिया गया। इनमें एक की हालत गंभीर है। अभी कितने लोग दबे हुए हैं, यह पक्के तौर पर नहीं बताया जा सकता।
दमकल विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि रात में बारिश की वजह से बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। इलाके में बिजली व्यवस्था भी चरमारा गई है। उधर जिलाधिकारी ने बचाव कार्य के लिए सेना को बुला लिया। सुबह सेना के जवान भी मौके पर पहुंच गये और मलबा हटाने व दबे हुए लोगों को निकालने का काम शुरू कर दिया।
स्थानीय दुकानदार के मुताबिक यह इमारत पहले ही काफी जर्जर हो चुकी थी, फिर भी इसमें कंबल बनाने की फैक्ट्री चल रही थी। फिलहाल फैक्ट्री के मालिकों से कोई संपर्क नहीं हो पाया है।
अब सवाल यह उठता है कि बड़े-बड़े उद्योगपति कब तक गरीब मजदूर की जान से खेलते रहेंगे। अगर इमारत जर्जर थी तो फैक्ट्री मालिक ने कारखाने को दूसरी जगह शिफ्ट करने के बारे में क्यों नहीं सोचा। आपको क्या लगता है इस हादसे का असली जिम्मेदार कौन है?












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