ठाकरे-नितीश की जंग में कूदे लालू यादव

इस पर नीतीश ने जवाब दिया कि वो बिहार दिवस समारोह में कोई राजनीति नहीं करना चाहते हैं। उसके बाद राज ठाकरे थोड़े नर्म हुए और बोले कि अगर नीतीश आना चाहें तो आ सकते हैं। खैर मामले की आग अभी ठंडी नहीं हुई थी कि लालू यादव ने इसमें घी डाल दिया है।
लालू ने नीतीश का जमकर समर्थन किया और राज ठाकरे को खरी खोटी सुनाई। वहीं लालू के करीबी राम कृपाल यादव ने कहा कि हम अपने देश में कहीं भी कभी भी जा सकते हैं, मुंबई ठाकरे की जागीर नहीं है। हम इस मामले में नीतीश के साथ हैं।
वैसे सच पूछिए तो यह मामला अब लगभग ठंडा होने की कगार पर है, क्योंकि राजनीतिक दबाव में आकर राज ठाकरे ने अपने कदम पीछे हटा लिये हैं। वहीं शिवसेना ने भी बिहार दिवस समारोह का विरोध करने की इच्छा छोड़ दी है।












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