एयर इंडिया को मिला 30,000 करोड़ का पैकेज

यह धनराशि एयर इंडिया को एकसाथ नहीं दी जायेगी, इसे टुकड़ों में अगले नौ सालों तक दी जायेगी। सरकारी एयरलाइन को दिया गया अबतक का सबसे बड़ा पैकेज है।
एयरलाइन के जहाजों के रख-रखाव, मरम्मत और ओवरहॉल के लिए सरकार ने कारोबार और उसकी इंजीनियरिंग सेवाओ को अलग कर उसके पूर्ण स्वामित्व में दो अलग सहयोगी कंपनियां बनाने के प्रस्ताव को मंजूर कर लिया है। एयर इंडिया के कुल 28,000 कर्मचारियों में से 19,000 कर्मचारियों को इन दो नयी इकाइयों में रखा जाएगा।
नागर विमानन मंत्री अजित सिंह ने आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक के बाद यह घोषणा की। उनहोंने मीडिया से कहा कि मंजूर कायाकल्प योजना और वित्तीय पुनर्गठन योजना के तहत विमानन कंपनी को शुरू में 6,750 करोड़ रुपए की शेयर पूंजी दी जाएगी। एयर इंडिया को वित्तीय संस्थानों, बैंक, एलआईसी और ईपीएफओ जैसे ऋणदाताओं को 7,400 करोड़ रुपए सरकारी गारंटी वाले गैर परिवर्तनीय डिबेंचर जारी करने की भी मंजूरी दी गई।
वर्तमान में एयर इंडिया पर कुल 67,520 करोड़ रुपए का ऋण और बकाया है, जिसमें 21200 करोड़ रुपए का ऋण रोज के काम काज के लिए, 22,000 करोड़ रुपए का ऋण विमान खरीद के लिए दीर्घकालिक ऋण है तथा 4,600 करोड़ रुपए सामान आपूर्ति करने वालों का बकाया है। इसके अलावा कंपनी का संचित घाटा 20,320 करोड़ रुपए तक पहुंच गया है।












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