मेरी जिंदगी और मौत अल्लाह के हाथ में हैं अमेरिका के नहीं: हाफिज

इतना ही नहीं हाफिज सहिद ने अमेरिका को यह भी चुनौती दी है और कहा है कि उसकी जिंदगी सिर्फ अल्लाह खत्म कर सकता है ना कि अमेरिका।
उसके सफाए के लिए अमेरिका की ओर से संभावित एकतरफा कार्रवाई पर उसने कहा कि उसकी जिंदगी और मौत अल्लाह के हाथ में है। सईद ने पाकिस्तान के टेलीविजन चैनल 'जियो न्यूज' को दिए गए साक्षात्कार में मुंबई में 26 नवंबर 2008 के हमलों से जुडे सवाल पर कहा कि भारत ने कम से कम चार दस्तावेज भेजे जो 300 से 400 पृष्ठों के थे इसके बावजूद वह इन हमलों में उसकी लिप्तता को साबित नंही कर सका।
हाफिज ने कहा कि भारत पाकिस्तान की अदालत को क्या वह तो पाक के अस्तित्व को स्वीकार करने के लिये तैयार नहीं है। उसने कहा कि कोर्ट ने उसपर लगे आतंकवाद के सारे आरोपों को खारिज कर उसे बरी भी कर दिया और जमात उद दावा प्रतिबंधित संगठन नहीं है। अमेरिकी पुरस्कार की घोषणा को खारिज करते हुए उसने कहा कि यह सिर्फ उसके खिलाफ दुष्प्रचार का हथकंडा है। इसका मकसद पाकिस्तान में उसकी छवि खराब करना है।












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