58 कंपनियों पर लगी कोयले की कालिख, नोटिस

कोयला मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि करीब 58 कंपनियों को कल से कारण बताओ नोटिस भेजने की प्रक्रिया शुरू करेंगे जिनमें एनपीसी, सेल, जिंदल स्टील एंड पावर और जीवीके पावर शामिल हैं। इन्होने अपने निजी उपयोग के लिए खानें आवंटित की गई थीं। यह पहल उस वक्त हो रही है जबकि मीडिया में खबर आई है कि नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक के शुरूआती मसौदे के मुताबिक 2004-09 के दौरान 100 निजी एवं सरकारी कंपनियों को कोयला आवंटन के कारण सरकारी खजाने को 10.67 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
सूत्रों ने बताया कि निजी कोयला ब्लाक का उपयोग न करने वाली कपंनियों को कारण बताओ नोटिस भेजने का फैसला उस समिति ने लिया जो कोयला भंडार के विकास पर विचार कर रही है। मांग और आपूर्ति में बढ़ते अंतर से चिंतित कोयला मंत्रालय ने इस साल जनवरी में टाटा स्टील, कोल इंडिया, सेल और एनटीपीसी समेत अन्य कंपनियों को आवंटित खानों की प्रगति की समीक्षा की थी।
जिंदल पावर, जिंदल स्टील एंड पावर, बाल्को और एमएमटीसी को आवंटित ब्लाक की प्रगति की समीक्षा दो दिन की बैठक में की गई थी। पिछले साल कोयला मंत्रालय ने एनटीपीसी समेत छह सरकारी कंपनियों और तीन निजी कंपनियों को आवंटित 14 कोयला व एक लिग्नाईट खान का आवंटन रद्द कर दिया था।












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