भारतीय तट पहुंचेगा लादेन को अंतिम ठिकाने लगाने वाला पोत

ओसामा को दफन करने के कारण सुर्खियों में आया जंगी पोत कार्ल विन्सन अगले महीने भारत आएगा। पिछले साल मई महीने में जब अमेरिकी नौसेना की सील टीम ने पाकिस्तान के एबटाबाद में लादेन को मार डाला था तो वहां से ओसामा के शव को सागर में दफन करने के लिए अरब सागर में तैनात विशालकाय विमानवाहक पोत यूएसएस कार्ल विन्सन पर उसे लाया गया था।
परमाणु ईंधन से चलने वाला कार्ल विन्सन कुछ समय से ईरान के आसपास तैनात रहा है। मालाबार अभ्यास के लिए कार्ल विन्सन के साथ मिसाइलों से लैस विध्वंसक पोत यूएसएस बंकर हिल और यूएसएस हैलसी भी 12 से 14 अप्रैल को भारतीय नौसेना की पूर्वी कमान से दोस्ताना पंजा भिड़ाने के लिए आ रहे हैं।
नौसेना के सूत्रों ने मालाबार अभ्यास में कार्ल विन्सन और दो अन्य पोतों के आने की पुष्टि की। सूत्रों ने बताया कि अभ्यास में इस बार जापान को भी शामिल किया जा रहा है लेकिन उसका कोई जंगी पोत अभ्यास में नहीं होगा। जापान को पर्यवेक्षक के तौर पर बुलाया गया है।
भारत नीतिगत रूप से यह तय कर चुका है कि वह सैन्य अभ्यासों को बहुत हद तक द्विपक्षीय रखेगा और इन्हें बहुपक्षीय नहीं बनाएगा क्योंकि अक्सर इसे किसी अन्य देश के खिलाफ गठजोड़ के रूप में देखा जाता है। मालाबार अभ्यास में इससे पहले भी जापान शामिल हो चुका है। लेकिन इसे चीन ने अपने खिलाफ भारत की लामबंदी के तौर पर पेश किया था।
ओसामा को समुद्र में दफन करने से पहले कार्ल विन्सन पोत पर सारे इस्लामिक रीति रिवाज पूरे किए गए थे। वैसे हाल ही में खोजी इंटरनेट साइट विकिलीक्स ने खुलासा किया था कि ओसामा की लाश को सागर में दफन नहीं किया गया था बल्कि उसे चुपचाप अमेरिका ले जाया गया था।












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