मुद्दे से भटक गया है अन्ना आंदोलन!

जिससे क्षुब्द होकर अन्ना ने कहा कि उन्हें अफसोस है कि वो ऐसे देश में रहते हैं जहां कि सरकार संवेदनहीन है। लेकिन सोचने वाली बात यह है कि अन्ना का आंदोलन जब शुरू हुआ था तो देश के भ्रष्टतंत्र के खिलाफ था लेकिन अब यह लड़ाई सरकार बनाम अन्ना हजारे हो गयी है।
खुद टीम अन्ना के बयान इस ओर इशारा करते हैं कि उनका आंदोलन अब कमजोर पड़ रहा है वजह है मुद्दे से भटक जाना। कुल मिलाकर टीम अन्ना केन्द्र सरकार पर दोषा रोपण करके उसे अयोग्य साबित करने में जुटी है लेकिन वह उन लोगों से जवाब नहीं मांग रही है जो लोकपाल बिल बनाने में सशक्त भूमिका निभा सकते हैं।
जिनकी वजह से लोकपाल बिल अटका पड़ा है। खुद टीम अन्ना की अहम सदस्य शायरा ने स्टार न्यूज पर माना कि टीम अन्ना के अलग-अलग विचारों के चलते उनका आंदोलन थोड़ा सा भटक गया था जिसकी बानगी हमें मुंबई में अनशन के दौरान दिखी थी जहां लोग ही नहीं आये लेकिन एक बार फिर से चिंतन-मंथन करने के बाद अन्ना की अगुवाई में हम आगे बढ़ने की कोशिश कर रहे हैं।
आज के अनशन की खास बात यह है कि आज अन्ना के साथ शहीदों के परिवार वाले भी मंच साझा करेंगे। जिसमें प्रमुख होगा मुरैना मे मारे गये आईपीएस ऑफिसर नरेन्द्र कुमार का परिवार। जिन्हें न्याय दिलाने की बात हो रही है।
लेकिन जब लड़ाई भ्रष्टाचार के खिलाफ है तो अनशन शिवराज चौहान के खिलाफ क्यों नही हो रहा है कांग्रेस सरकार के खिलाफ क्यों हो रहा है। क्या यह बताने के लिए काफी नहीं अन्ना का आंदोलन अपनी गति और दिशा दोनों से भटक गया है।












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