हरियाणा: बिजली बचाएगी 'मैजिक आई'

यह जानकारी देते हुए अक्षय ऊर्जा विभाग के महानिदेशक अरूण कुमार ने बताया कि इस परियोजना पर प्रदेश सरकार को 5.72 लाख रुपये की वार्षिक बचत होगी। उन्होंने बताया कि आक्यूपेंशी सेंसर ऊर्जा परिवर्तित करने का महत्वपूर्ण उपकरण है और यह निर्धारित क्षेत्र में मानवीय गतिविधियों का निरीक्षण करेगा।
जब कोई व्यक्ति इस क्षेत्र में प्रवेश करेगा तो यह सेंसर स्वंमेव ही बिजली संचालित करेगा और जब बाहर जाएगा तो बिजला बंद कर देगा। जब कमरे में कोई भी व्यक्ति नही होगा तो ये आक्यूपेंशी सेंसर विद्युत सप्लाई और उपकरणों को बन्द करेगा। इससे बिजली की बर्बादी को कम किया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि यह चंडीगढ़ सेक्टर 17 के नए हरियाणा सीविल सचिवालय के भवन की विद्युत खर्च का निरिक्षण किया गया।
अब हरेड़ा सचिवालय में 298 किलोवाट लोड़ से जुडी करीब 1222 टयूब लाईट, 898 पंखों, 100 कूलर और 76 ए.सी. को नियंत्रित करने के लिए 114 आक्यूपेंशी सेंसर लगाये जाएंगे। उन्होंने कहा कि इसकी सफलता के बाद इसे हरियाणा सरकार के दूसरे भवनों में स्थापित किया जाएगा। उन्होंने एनजीओ, पंचायती राज संस्थाओं, शिक्षण संस्थाओं और पर्यावरणविदों से अपील करते हुए कहा कि वे सरकार के विद्युत संरक्षण अभियान में बढ़चढ़ कर भाग ले और भावी पीढी को देखते हुए ऊर्जा का न्याय संगत उपयोग करें।












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