डीएसपी बन कर ठगी करने वाला पकड़ा गया

दक्षिण जिला डीसीपी छाया शर्मा ने बताया कि मूलत: हिमाचल प्रदेश निवासी विनय से पुलिस को दी शिकायत में कहा कि अश्विनी ने उससे 4.30 लाख रुपये लेकर हिमाचल प्रदेश पुलिस में नौकरी दिलाने की बात कही। कुछ समय बाद अश्विनी का मोबाइल बंद हो गया। मामला दर्ज कर इंस्पेक्टर नीरज चौधरी, एसआई संजय शर्मा और हवलदार ईश्वर सिंह की टीम ने वेस्ट विनोद नगर से मूलत: मधुबनी (बिहार) निवासी अश्विनी को पकड़ लिया।
अश्विनी बेरोजगारों को पुलिस में भर्ती कराने का भरोसा देकर मोटी रकम ऐंठ लेता था। पीड़ित से वह डीएसपी की वर्दी पहनकर मिलता था। पहले उन्हें रौब दिखाता था और फिर नौकरी दिलाने के नाम पर मोटी रकम ले लेता था। आरोपी ने बताया कि पुलिस यूनिफार्म उसे सिविल डिफेंस में काम करने वाले जितेंद्र से मिली थी। पंजाब का फर्जी लाइसेंस नोएडा स्थित एक पेट्रोल पंप पर काम करने वाले पवन ने दिया था।
आरोपी डीएसपी की वर्दी पहनकर दोस्तों पर भी रौब दिखाता था।अश्विनी को सेक्टर-20 कोतवाली थाना पुलिस, नोएडा ने गिरफ्तार किया था। यह तीन महीने डासना जेल में रहा था। वर्ष 2010 में जेल से बाहर आते ही ठगी शुरू की दी। नोएडा पुलिस की गिरफ्तारी से पहले अश्विनी लालबत्ती लगी गाड़ी में घूमता था।












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