दिल्‍ली के कई होटलों में होता है मासूम बच्चियों का यौन शोषण

Rape in Delhi
दिल्‍ली। 2 साल की मासूम फलक तो आपको याद ही होगी जिसने कुछ दिन पूर्व ही दिल्‍ली के एम्‍स अस्‍पताल में दम तोड़ दिया था। बेबी फलक आपको याद है तो आपको यह भी याद होगा कि उसे एम्‍स में भर्ती कराने एक 14 वर्षीय नाबालिग लड़की आई थी। जिसे बाद में फलक के मौजूदा हालात का जिम्‍मेदार माना जा रहा था।

मगर किसी ने भी यह जानने की कोशिश नहीं की कि उस लड़की ने ऐसा किया क्‍यो? या उस लड़की के साथ खुद ऐसा क्‍या हुआ था? तो हम आपको बता दें कि महज 14 साल की वह लड़की देह व्‍यापार के धंधे में गले तक लिप्‍त थी और अब उसने पुलिस के सामने जो राज खोला है उसे जानकर आपके रौंगटें खड़े हो जायेंगे।

उस लड़की ने दिल्‍ली सरकार की चाइल्‍ड वेलफेयर कमेटी को जो सनसनीखेज बयान दिया है उससे दिल्‍ली की काली हकीकत सामने आ गई है। इस बयान ने उन राक्षसों का चेहरा सामने लाया है जो पुलिस की नाक के नीचे धडल्‍ले से पीडोफाइल रैकेट यानि छोटी-छोटी बच्चियों के यौन शोषण का भयानक धंधा चला रहे हैं। यह वह धंधा है जिसकी पल-पल की जानकारी दिल्‍ली पुलिस को है मगर वह हाथ पर हाथ धरे बैठी हुई है। आईबीएन 7 न्‍यूज चैनल पर दिखाये गये इस सनसनीखेज खबर की मानें तो दिल्‍ली के कई ऐसे होटल हैं जिसमें मासूम बच्चियों के यौन शोषण का गोरखधंधा कांट्रेक्‍ट बेसिस पर चल रहा है।

आगे की बात करने से पहले हम आपको उस बयान के बारे में बता दें जो खुद उस 14 वर्षीय लड़की ने दिल्‍ली सरकार के चाइल्‍ड वेलफेयर कमेटी को दिया है। “मेरी उम्र 14 साल है। मैं काफी दिनों तक देह व्यापार के धंधे में थी। इस धंधे में मेरी जैसी कई लड़कियां मौजूद हैं। इस धंधे को चलाने वाली एक महिला आरती ने मुझे बताया था कि वो देह व्यापार कर रही कई कम उम्र की लड़कियों के संपर्क में है। यही नहीं मुझे देह व्यापार में धकेलने वाली पूजा का घर भी हमेशा लोगों से भरा रहता था। उसके पास कम उम्र की लड़कियां थीं, शायद उनमें से कुछ नाबालिग भी थीं। पूजा, आरती, संदीप, दिलशाद मुझे हर उम्र के लोगों के पास भेजते थे। ये लोग मुझे शहर से बाहर भी भेजते थे”।

उसने चाइल्‍ड वेलफेयर कमेटी को बताया कि “दिल्ली के महिपालपुर इलाके में कई ऐसे होटल हैं जहां कभी भी छापा मार कर कम उम्र की लड़कियों को ग्राहकों के साथ पकड़ा जा सकता है। होटल के मैनेजर और स्टाफ इस धंधे के बारे में अच्छी तरह से जानते हैं। जब भी वो पुलिस की कोई वैन या कार देखते हैं वो सभी लड़कियों को छुपने में मदद करते हैं। कई बार वो लड़कियों को छत पर ले जाते हैं और वहां उन्हें अच्छी तरह से छुपा देते हैं। मैं जानती हूं उन कम उम्र लड़कियों को जिनसे धंधा कराया जा रहा है। उनके नाम मेरी डायरी में लिखे हैं। लेकिन वो डायरी मेरे केस की जांच कर रहे पुलिस के जांच अधिकारी के पास है। उस डायरी में उन सभी लड़कियों के नाम और फोन नंबर लिखे हैं”।

दिल्‍ली में डोल चुका है खाकी वर्दी वालों का ईमान

14 साल की इस बच्‍ची ने अपने कबूलनामे में कई होटलों के नाम बताये हैं। उसने यह दावा किया है कि अक्सर होटल वाले कम उम्र लड़कियों को भेड़-बकरी की तरह हांकते हुए होटलों की छत पर छुपा देते थे। ये बच्ची दावा कर रही है कि उसकी वो डायरी दिल्ली पुलिस के कब्जे में है जिसमें ऐसी कम उम्र लड़कियों की हर जानकारी है, लेकिन लगता है खाकी वर्दी वालों का ईमान इस जानकारी को छुपा कर रखने के लिए डोल चुका है। इसलिये दिल्‍ली पुलिस लागातार ये कह रही है कि उसे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।

चाइल्‍ड वेलफेयर कमेटी ने इस बयान को ज्वाइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस (साउथ ईस्ट रेंज), एडिश्नर कमिश्नर ऑफ पुलिस (साउथ ईस्ट डिस्ट्रिक्ट, सरिता विहार), एसएचओ, पुलिस स्टेशन संगम विहार और एसएचओ पुलिस स्टेशन वसंत कुंज के पास भेजी है। लेकिन पुलिस के ये आला अधिकारी इस रिपोर्ट को रद्दी में डालकर उसपर नाग की तरह कुंडली बांध कर बैठ गये हैं। उसने बताया कि इस धंधे को चलाने वाले एक दलाल की डायरी भी पुलिस के पास है मगर वह कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।

एक दिन में 7 ग्राहाकों को खुश करने का कांट्रेक्‍ट

देह व्‍यापार के दलदल से बाहर निकली 14 वर्षीय इस मासूम ने बताया कि 'देहव्यापार के धंधे को कई लोग मिलकर चलाते हैं। वो एक दूसरे को लड़कियां भेजते रहते हैं। अक्सर एक गिरोह का शख्स दूसरे गिरोह को एक हफ्ते के कॉन्ट्रेक्ट पर लड़कियां भेजता रहता है। इन लड़कियों को दिल्ली से बाहर भी भेजा जाता है। एक बार मुझे भी इसी तरह के कॉन्ट्रेक्ट पर दिल्ली से बाहर भेजा गया था। मैं एक हफ्ते के लिए दिल्ली से बाहर गई।

लेकिन तभी उन्हें लगा कि मैं बहुत छोटी हूं। तो उन्होंने कॉन्ट्रेक्ट के दिन घटाकर चार कर दिए। कॉन्ट्रेक्ट में हर लड़की को सात ग्राहकों के साथ रहना पड़ता है। अगर किसी दिन सात ग्राहक नहीं आए या किसी वजह से लड़की सात ग्राहकों से नहीं मिल पाती है तो उसे अगले दिन इसकी कमी पूरी करनी पड़ती है। यानि अगर कुछ ग्राहक रह गए हैं तो अगले दिन सात के अलावा बाकी ग्राहकों से भी मिलना पड़ता था'।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+