अब उत्तर प्रदेश की जनता रखेगी सपा का हिसाब
हम यहां वो जरूरी बातें आपको बता रहे हैं जो सपा ने अपने घोषणापत्र में कही-
- प्राथमिक स्तर पर सभी बच्चों को अनिवार्य शिक्षा।
- कक्षा 6 तक बच्चों को मुफ्त शिक्षा, इंटर तक बिना सरकारी अनुदान के विद्यालयों में शिक्षकों को मानदेय।
- स्नातक छात्राओं को मुफ्त शिक्षा, पिछड़े मुस्लिम इलाकों में विद्यालयों की स्थापना।
- कक्षा 8 तक छात्राओं को 2 साल में दो बार स्कूल ड्रेस मुफ्त दी जायेगी।
- कक्षा आठ तक सभी को पुस्तकें मुफ्त और गरीब छात्रों के लिए छात्रावास और नि:शुल्क कोचिंग।
- इंटर पास छात्रों को लैपटॉप और दसवीं पास छात्रों को मुफ्त में टैबलेट दिये जाएंगे
- बेरोजगारों को 1000 रुपए प्रति माह के हिसाब से बेरोजगारी भत्ता
- रंगनाथ मिश्र की रिपोर्ट के आधार पर शिक्षा एवं नौकरियों में आरक्षण दिया जायेगा
- प्रदेश में सरकारी सेवाओं में भर्ती की आयु सीमा 35 वर्ष होगी
- 35 वर्ष की उम्र के बाद भी नौकरी न मिलने पर 12 हजार रुपये सालाना बेरोजगारी भत्ता
- प्रदेश के सभी विश्वविद्यालयों व महाविद्यालयों में छात्र संघों के चुनाव होंगे
- कृषि के क्षेत्र में छोटे और सीमांत किसानों को कृषि कार्य के लिए चार प्रतिशत पर ऋण
- सिंचाईं के जितने भी साधन हैं, उनसे किसानों को पानी मुफ्त
- 65 साल की उम्र के छोटी जोत के किसानों को पेंशन
- किसान की किसी आपदा में मृत्यु हो जाती है तो उसके परिवार को पांच लाख रुपये
- किसानों को उत्तम किस्म के बीज और खाद समय पर उपलब्ध कराने का पुख्ता इंतजाम
- नकली खाद बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी
- उपजाऊ जमीन का उद्योग एवं बुनियादी ढांचा निर्माण के लिए अधिग्रहण पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा
- अगर अधिग्रहण आवश्यक तो किसान को सर्किल रेट से छह गुना अधिक कीमत दी जायेगी
- मुसलमानों को आरक्षण देने के लिए सच्चर कमेटी की सिफारिशों की रोशनी में सभी मुसलमानो को आर्थिक, सामाजिक एवं शैक्षणिक दृष्टि से अत्यधिक पिछड़ा मानते हुए दलितों की तरह जनसंख्या के आधार पर आरक्षण दिया जायेगा।
- रंगनाथ मिश्र आयोग एवं सच्चर कमेटी की सिफारिशों को लागू करवाने के लिए केन्द्र सरकार पर पूरा दबाव बनाया जायेगा।
- जो सिफारिशें राज्य सरकार के जरिये लागू हो सकती है उन्हें प्रदेश में अतिशीघ्र लागू कराया जायेगा।
- आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई की आड़ में उत्तर प्रदेश के जिन बेकसूर मुस्लिम युवकों को जेलों में डाला गया है, उन्हें फौरन रिहा ही नहीं कराया जायेगा
- उन मुसलमानों को मुआवजे के साथ इंसाफ दिया जायेगा।
- सरकारी कमीशन, बोर्ड और कमेटियों में कम से कम एक अल्पसंख्यक प्रतिनिधि को सदस्य नियुक्त किया जायेगा।
- इसके साथ कक्षा दस पास मुस्लिम बालिकाओं को आगे की शिक्षा प्रदान की जायेगी।
- मुस्लिम बालिकाओं के विवाह हेतु 30 हजार रुपये के अनुदान का प्रावधान किया जायेगा।
- व्यापारी वर्ग को खुदरा व्यापार में एफडीआई प्रदेश में नहीं आने दिया जायेगा।
- साइकिल तथा रिक्शा बनाने का एक कारखाना स्थापित किया जायेगा।
- विशेष योजना के तहत उनके रिक्शों को बैटरी, सोलर चार्जा से चालित बनाया जायेगा।
- भ्रष्टाचार पर अंकुश लगाने के लिए पिछले पांच साल के भ्रष्टाचार की जांच के एक आयोग का गठन किया जायेगा













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