सट्टा बाजार में भाजपा का रेट सबसे अधिक
दूसरी तरफ राजनीतिक दलों के मुख्यालयों पर सन्नाटा छाया हुआ है कोई भी पदाधिकारी इस समय कुछ कहने के लिए तैयार नहीं है सभी इसकी चर्चा करने पर मुस्कुराकर कल का इंतजार कर रहे हैं लेकिन हर राजनीतिक दलों के कार्यकर्ता जश्न का भी इंतजाम किये हुए हैं और वे कहीं न कहीं से अपनी पार्टी के अच्छे प्रदर्शन का इंतजार कर रहे हैं जिससे मौका मिलते ही वे अपनी पार्टी के नेताओं के प्रति निष्ठा को जाहिर कर सके।
सूत्रों का कहना है कि राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने इसके लिए बैंड बाजों व पटाखों का भी इंतजाम कर लिया है लेकिन जश्न या गम मनाने की चर्चा पर सभी खामोश हो जाते हैं। सबसे अधिक हलचल सपा के कार्यालय पर देखी जा सकती है क्योंकि एक्जिट पोल में सपा को काफी आगे बताया गया है इसको आधार मानकर सपा के कार्यकर्ता जहां अधिक उत्साहित दिखायी दे रहे हैं वहीं वे अपने उत्साह का खुलकर प्रदर्शन भी नहीं करना चाहते क्योंकि उन्हें भी यह पता है कि कई बार एक्जिट पोल में जो भविष्यवाणी मीडिया में की जाती है वह सच नहीं निकलती।
फिलहाल चुनाव परिणाम को लेकर सटटा बाजार गर्म हो गया है। लोगों ने सपा व बसपा पर सटटा लगाना शुरू कर दिया है। सटटा बाजार में सबसे अधिक रेट बीजेपी का है जबकि सपा का रेट सबसे कम है। कारण यह कि न्यूज चैनल सपा को सबसे बड़ी पार्टी बता रहे हैं जिस कारण लोग उस पर पैसा नहीं लगा रहे हैं। उधर कोई भी खुलकर अपनी पार्टी को मिलने वाले जनसमर्थन के बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ कहने के लिए तैयार नहीं है। इस चुनाव में निर्दलीय या छोटे दलों के उम्मीदवार सबसे अधिक निश्चिंत दिखायी दे रहे हैं और वे अपना परिणाम जानते हैं इसलिए उनके मन में किसी तरह का संशय नहीं है।













Click it and Unblock the Notifications