भाई राहुल को रूसवा होने से नहीं बचा पायीं बहन प्रियंका

जिसमें उनका साथ देने के लिए इस बार पूरा परिवार उनके साथ खड़ा था। बरसाती मेढ़क के नाम से बदनाम प्रियंका गांधी ने अपने भाई की इज्जत को बचाने कि भरपूर कोशिश की लेकिन अफसोस उनकी कोशिश पूरी तरह से नाकाम हो गयी और गांधी परिवार की बपौती माने जाने वाले अमेठी और रायबरेली में भी उसका सूपड़ा साफ होते दिखा। जहां कोई कल्पना नहीं कर सकता था वहां भी कांग्रेस हारती नजर आयी है।
चाहे अमेठी हो या रायबरेली या फिर सुल्तानपुर, जहां की जनता ने भी अपने सगे गांधी परिवार का साथ छोड़ दिया है। यह संकेत निश्चित रूप में केन्द्र की यूपीए सरकार के लिए अच्छे नहीं है।
जनता ने यह बता दिया कि अब उसे कांग्रेस की कथनी पर भरोसा नहीं है, बल्कि अब कांग्रेस को अपना पुराना विश्वास अगर पाना है तो उसे दावे नहीं काम करने होंगे। अगर अमेठी और रायबरेली के लोग उनकी नहीं सुन रहे हैं और वो अभी भी नहीं चेते हैं तो साल 2014 में उन्हें विपक्ष में ही बैठना होगा।












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