राज्यसभा में भी बसपा को होगा नुकसान
प्रदेश में मौजूदा समय में राज्यसभा में 18 सीटों के साथ कांग्रेस और भाजपा के बाद तीसरी सबसे बड़ी पार्टी बसपा इस द्विवार्षिक चुनाव पर नजरें गड़ायें हैं लेकिन विधानसभा का कार्यकाल समाप्त होने के दो महीने पहले ही यह चुनाव हो जाने से बसपा की रणनीति धरी रह गयी है। एग्जिट पोल के संकेतों के हिसाब से राज्यसभा के चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें सपा के खाते में जायेंगी।
अप्रैल में विधानसभा क्षेत्र से विधानपरिषद के 13 सदस्यों का चुनाव होगा। सपा के इस समय राज्यसभा में सिर्फ पांच सदस्य हैं और विधानसभा चुनाव में बसपा को होने वाला नुकसान कांग्रेस-रालोद गठबंधन और भाजपा को भी कुछ सीटें दिला देगा।
राज्य में त्रिशंकु विधानसभा के कारण राजनीतिक संकट की स्थिति में हालत बदली होगी और तब राज्यसभा चुनाव टाले जा सकते हैं। विधानसभा में बसपा की मौजूदा स्थिति के हिसाब से वह राज्यसभा में छह सीटें तथा अन्य दलों के सहयोग से एक सीट हासिल कर सकती थी लेकिन अब यह मुश्किल लग रहा है। इसी तरह अप्रैल में होने वाले विधानपरिषद के चुनाव में भी बसपा सीटें खो सकती है।
इस समय 65 सदस्यों के साथ परिषद में उसका अच्छा बहुमत है। रिक्त हो रही 10 राज्यसभा सीटों में से पांच बसपा के पास हैं जबकि दो-दो सपा एवं भाजपा तथा एक राष्ट्रीय लोकदल के पास है। अब नयी विधानसभा सदस्यों की सं या के आधार पर राज्यसभा के चुनाव होंगे और यह तस्वीर छह मार्च को परिणाम आने के बाद साफ होगी। विधान परिषद सीटों के चुनाव का जहां तक प्रश्न है वह अप्रैल में समय पर होगा और तब तक नयी विधानसभा के आकार ले लेने में काफी समय है। बसपा के लिए चिन्ता की बात यह है कि विधान परिषद चुनाव के लिए मतदाताओं की सूची विधानसभा की नयी दलीय सूची के आधार पर होगी।
कांग्रेस और रालोद इन दोनों चुनावों में कुछ हासिल कर सकने की उ मीद कर सकते हैं क्योंकि विधानसभा में मौजूदा सीटों से ज्यादा पाने की आशा कर रहे हैं। प्रदेश के दो अप्रैल को राज्यसभा से रिटायर होने वाले सदस्य प्रमोद कुरील, मुनकाद अली, जयप्रकाश, गंगा चरण राजपूत, नरेश अग्रवाल, महेन्द्र मोहन गुप्ता व वीरपाल ङ्क्षसह, कलराज मिश्रा, विनय कटियार तथा मो. असद मदनी हैं। इन दस सदस्यों में से भाजपा के कलराज मिश्रा ने अभी लखनऊ पूर्व सीट से विधानसभा का चुनाव लड़ा है।
बसपा के नरेश अग्रवाल और जयप्रकाश विधानसभा चुनाव के पहले पार्टी का साथ छोड़कर सपा में जा चुके हैं। मई में रिटायर होने वाले 13 विधान परिषद सदस्य काशीनाथ यादव, वाजा अली, दयाराम प्रजापति, नरेश चन्द्र उत्तम, डा. राकेश सिंह राणा, डा. विनय प्रताप, अशोक धवन, रमापति राम, राम नरेश रावत, प्रदीप कुमार. बाबू सिंह कुशवाहा, सुनील कुमार चित्तोड़ और हरपाल सिंह हैं।













Click it and Unblock the Notifications