जाटों को जबरन ट्रेक से उठाया, फायरिंग में 1 की मौत

मौके पर गुस्साए जाट हाथों में जैलियां और लाठियां लेकर रेलवे ट्रेक पर पहुंचे और पुलिस पर पथराव शुरू कर दिया। बचाव में पुलिस ने अंसू गैस के गोले छोड़े व प्रदशनकारियों को खदेडऩे के लिए लाठीचार्ज कर दिया। पथराव में एक डीएसपी सहित दोनों पक्षों के दर्जनों लोग घायल हो गए। पुलिस ने पथरव करने वाले 25 के करीब लोगों को हिरासत में लिया है।
सूचना पाकर डीआईजी क्राइम, एसपी, डीसी, डीएसपी सहित पूरा दल-बल मौके पर पहुंच गया। जाट आरक्षण संघर्ष समिति के नेतृत्व में 23 आदमी बैठे हुए थे। मंगलवार सुबह टोहाना पुलिस, सीआरपीएफ व भारी संख्या में अन्य सुरक्षा बल ट्रेक पर पहुंचे और ट्रेक खाली करने के लिए जाटों से अनुरोध किया। जाटों ने ट्रेक खाली करने से मना कर दिया। इसके बाद पुलिस ने टेंट उखाड़ दिए और प्रदर्शनकारियों को जबरदस्ती हिरासत में लेकर ट्रेक खाली करवाया। दोपहर तक पुलिस व प्रदशनकारियों का समर्थन करने वाल अन्य लोगों ने पुलिस पर गिरफ्तारी के विरोध में पथराव शुरू कर दिया।
जवाब में पुलिस ने फायरिंग व लाठीचार्ज करना शुरू कर दिया। जिले में प्रशासन की ओर से धारा 144 लागू कर दी गई है। सचिवालय की सुरक्षा बढ़ाते हुए इलाके में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। हम आपको बता दें कि इससे पहले गत दिवस जाट समुदाय के लोगों को उस समय करारा झटका लगा जब खाप प्रमुखों ने इस आंदोलन से अलग होने की घोषणा कर दी थी। जाट समुदाय द्वारा जाट आरक्षण संघर्ष समिति के तत्वावधान में सोमवार को हिसार लुधियाना रेलवे मार्ग भी बाधित कर रखा था।
हिसार/फतेहाबाद। एक पखवाड़े से अधिक समय से धरने पर बैठे जाट आंदोलनकारियों का मंगलवार को सुरक्षा बलों से सीधा टकराव हो गया। हिसार के रामायण में टकराव में 18 वर्ष के आंदोलनकारी संदीप पुत्र जोगीराम की गोलीबारी में मौत हो गई और कई दर्जन अन्य लोग घायल हो गए। घायलों में एक डीएसपी, एक महिला एएसआइ समेत कई पुलिसकर्मी भी शामिल हैं। एसपी, डीसी और आईजी ने मौके पर पहुंचकर पुलिस को पीछे हटाया। कई जाट नेताओं समेत करीब सौ लोगों को हिरासत में लिया गया है। दोपहर बाद आंदोलनकारी फिर से रेलवे ट्रैक पर आ डटे। वहीं फतेहाबाद के गाजूवाला में भी स्थिति तनावपूर्ण बनी है। सुबह टकराव के बाद डीएसपी समेत कई लोग घायल हो गए और दिनभर टकराव की आशंका बनी रही। उधर हिसार, भिवानी में भी कई स्थानों पर ग्रामीण सड़कों पर उतर आए और जाम लगा दिया।
मंगलवार अलसुबह करीब चार बजे आरएएफ और प्रदेश पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए हिसार के रामायण गांव के निकट रेलवे ट्रैक के पास धरने पर बैठे जाट आंदोलनकारियों को खदेड़ दिया था। इसके बाद पुलिस ने संघर्ष समिति के प्रदेश अध्यक्ष धर्मपाल धारीवाल, महेंद्र सिंह, रामभगत मलिक व तेजबीर मलिक समेत करीब दो दर्जन लोगों को हिरासत में लिया था। आमरण अनशन पर बैठे चार अनशनकारियों को पहले हिसार ��िर रोहतक पीजीआइ में भर्ती कराया गया है। इसके बाद ट्रैक से एक मालगाड़ी भी गुजारी।
लुधियाना ट्रैक पर चलीं ट्रेनें, भिवानी मार्ग ठप
आंदोलनकारियों से मंगलवार सुबह ट्रैक मुक्त कराने के बाद हिसार-लुधियाना रेलमार्ग पर यातायात बहाल कर दिया गया। मगर अभी भी भिवानी रेलमार्ग ठप है। रेलवे प्रशासन ने मुख्यालय के आदेश पर सुरक्षा बंदोबस्त के साथ खाली टैंकर ट्रेन को हिसार से भिवानी रवाना कि या। इस ट्रेन में आरपीएफ व जीआरपी के 14 जवान थे। मगर उसके बाद रामायण गांव में जाटों के फिर डटने से कोई ट्रेन नहीं चल सकी। फतेहाबाद के गाजूवाला गांव में आंदोलनकारियों द्वारा कब्जाए गए टै्रक को पुलिस द्वारा छुड़वाने के बाद मंगलवार को एक बार फिर हिसार-लुधियाना रेलवे टै्रक पर गाडिय़ां दौड़ी। लुधियाना से दो ट्रेनें हिसार पहुंची व हिसार से तीन ट्रेनें चली हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार भिवानी मार्ग पर स्थिति पहले दिन जैसी है। रेलवे का घाटा एक करोड़ 70 लाख के पार हो गया है। हिसार-रेवाड़ी गाड़ी सादलपुर के रास्ते दोपहर व रात को आ-जा रही है।












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