सीट की जल्दी में जिंदगी की ट्रेन थम गई

सीमांचल एक्सप्रेस ट्रेन प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर लगाई जा रही थी। होली की वजह से काफी भीड़ थी इसलिए ट्रेन रुकने के पहले ही अमरजीत ने जनरल कोच में सीट पाने के लिए दौड़ लगा दी। तभी वह ट्रैक पर गिर गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि युवक का पैर फिसला या वह भीड़ में धक्का लगने से गिरा। हादसा सोमवार सुबह करीब 7:00 बजे का है। जोगबनी, बिहार जाने वाली सीमांचल एक्सप्रेस यार्ड से प्लेटफार्म नंबर-1 पर आ रही थी। आनंद विहार से इसके रवाना होने का समय 7:40 बजे था। अमरजीत खगड़िया जाने के लिए ट्रेन का इंतजार कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, उस दौरान प्लेटफार्म मुसाफिरों से खचाखच भरा था। जैसे ही ट्रेन प्लेटफार्म पर आई, अमरजीत के साथ अन्य यात्री भी भागे। अमरजीत ने चलती ट्रेन में चढ़ने की कोशिश की, लेकिन वह ट्रेन और प्लेटफार्म के बीच के गैप में चला गया।
उधर डीसीपी, क्राइम एंड रेलवे भैरो सिंह गुर्जर ने कहा कि सीमांचल एक्सप्रेस के प्लेटफार्म पर खड़ी होने से पहले जनरल कोच में जगह पाने के लिए एक युवक दौड़ लगा दी। इसी बीच वह ट्रैक पर गिर गया। इससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। फिलहाल यह साफ नहीं हो सका है कि युवक का पैर फिसला या भीड़ में धक्का लग गया। इसकी जांच की जा रही है।
होली पर रेल प्रशासन बेशक सुरक्षा इंतजाम बढ़ाने का दावा कर रहा है। लेकिन आनंद विहार रेलवे स्टेशन की भीड़ के सामने सारे इंतजाम नाकाफी साबित हो रहे हैं। हादसे के छह घंटे बाद करीब एक बजे मुसाफिर प्लेटफार्म नंबर-1 पर खड़ी सप्तक्रांति सुपरफास्ट एक्सप्रेस पर सवार होने की मशक्कत करते दिखे। दरवाजे तक भीड़ कसी होने के बावजूद ट्रेन से जाने के लिए मुसाफिरों में धक्का-मुक्की होती रही। फिर भी अगर जगह न दिखी तो कुछ लोगों ने खिड़कियों का भी सहारा लिया। इस कोशिश में किसी का चप्पल बाहर गिरता तो किसी का बैग। लेकिन इसकी जगह सभी को फिक्र घर पहुंचने की थी। इस सबके बीच उनकी शिकायत यही रही कि रेलवे को अतिरिक्त ट्रेन का इंतजाम करना चाहिए।












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