मध्य प्रदेश में जबरदस्ती करवाई जा रही है नसबंदी
इस दंश का शिकार सबसे ज्यादा बैतूल इलाके के आदिवासी हैं। अफसरों को निर्धारित समय दिया गया है और कहा गया है कि वो लोगों को जागरूक करते हुए नसबंदी कराये लेकिन अफसर जागरूक तो दूर जबरदस्ती नसबंदी करा रहे हैं। जिनमें कई गर्भवती महिलाएं भी शामिल हैं और तो और रिकार्ड बनाने के लिए लोग एक व्यक्ति का दो बार ऑप्रेशन करने से भी नहीं चूक रहे हैं।
जब मीडिया ने अफसरों से बात करनी चाही तो उन्होंने सिरे से इंकार कर दिया और कुछ भी बोलने से बचते दिखे। अफसरों के इस तानाशाही रवैये के पीछे उनका प्रमोशन और इंक्रीमेट है जो कि उन्हें टारगेट पूरा करने पर मिलेगा। जानकारी के मुताबिक बैतूल ज़िले को इस बार 15 हज़ार 700 ऑपरेशन करने का टारगेट दिया गया जिनमें अब तक 13 हज़ार 48 से अधिक लोगों की नसबंदी कराई जा चुकी है। इस दंश का शिकार सबसे ज्यादा कोरकू प्रजाति के लोग हुए हैं। ताज्जुब की बाद यह है कि मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान भी इस संगीन मुद्दे पर चुप्पी साधे हुए हैं।













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