'मुझे रहजनों से गिला नहीं, तेरी रहबरी पर मलाल है'
सुषमा स्वराज ने उपस्थित जनसमुदाय से हाथ उठवा कर मतदान के दिन उत्साह के साथ बूथ पर पहुंचकर भाजपा के पक्ष में मतदान करने का संकल्प दिलाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जवाबदेही का सिद्धान्त है लेकिन देश व प्रदेश की सरकार ने इस कदर भ्रष्टाचार किया कि हर राष्ट्रवादी व्यक्ति का माथा शर्म से नीचा हो गया। स्वराज ने ’तु इधर उधर की बात न कर, ये बता काफिला क्यों लूटा’ शेर पढ़कर प्रधानमंत्री और केन्द्र सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि लोकसभा के हर सत्र में हमने जब भी महंगाई और भ्रष्टाचार के मुद्दे पर बहस कराई सपा-बसपा कांग्रेस के पाले में खड़ी रही।
उन्होंने महिलाओं की ओर इशारा करते हुए कहा कि महंगाई ने रसोई पर सबसे ज्यादा प्रभाव डाला। हालत यहां तक पहुंच गई कि महंगाई लगातार गर्म होती गई और रसोई ठंडी होती गई लेकिन प्रधानमंत्री की चुप्पी नहीं टूटी। उन्होंने कहा कि भाजपा इस मसले पर चुप बैठने वाली नहीं है। स्वराज ने सरकार की विफलता को भी एक शेर के जरिए प्रस्तुत किया ’मैं बताऊं काफिला क्यों लुटा’ तेरा रहजनों से से था वास्ता, मुझे रहजनों से गिला नहीं, तेरी रहबरी पर मलाल है’। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री से किसी मुद्दे पर बात करें तो वह कहते हैं कि राजा से बात करो या फिर शरद पवार की ओर इशारा कर देते हैं। इस अवसर पर भाजपा प्रत्याशी छक्कीलाल सहित तमाम कार्यकर्ताओं ने सुषमा स्वराज का 51 किलो की माला पहनाकर स्वागत किया।













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