गरीबी के चलते महिलाएं बेच रही हैं कोख
हैदराबाद। गरीबी जो ना कराये कम ही है, आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में गरीबी और भूख का बोलबाला इस कदर है कि यहां के इलाके की महिलाएं मजबूरी में किराये की कोख का धंधा कर रही है। जिसमें सबसे ज्यादा महिलाएं गुंटूर जिले की है। जिन्हें दो वक्त की रोटी के लिए बार-बार अपने शरीर को खपाना पड़ता है। लगातार गर्भघारण करने के चलते इनके शरीर की हालत काफी खराब हो जाती है जिसके दवा-दारू के लिए भी इनके पास पैसे नहीं है।
आंध्र का यह क्षेत्र देश में सरोगेसी माताओं की शरणस्थली बनकर उभर रहा है। अखबारों में विज्ञापन और शहर में जगह-जगह चिपके पैम्पलेट उन घरों का पता बता देंगे, जहां यह व्यापार चल रहा है। इतना ही नहीं, निजी अस्पतालों में भी ये सुविधा उपलब्ध है।
गरीब परिवारों की बेबसी के चलते संतान विहीन परिवार मुस्कुरा रहे हैं उन्हें भारी कीमत अदा की जाती है लेकिन लगातार बच्चे पैदा करने की वजह से महिलाओं की शारीरिक हालत सही नहीं है जिसकी देखरेख करने वाला कोई नहीं है। ना तो सरकार इस ओर कदम उठा रही है और ना ही वो लोग जो इनसे यह काम करा रहे हैं, वो इस ओर कोई ध्यान दे रहे है।













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