उमा भारती ने सलमान खुर्शीद को जेल भेजने की मांग की

लखनऊ। केन्द्रीय कानून मंत्री के बयान के बाद विपक्ष जहां उनके उत्तर प्रदेश में आने पर रोक लगाने की मांग कर रहा है वहीं भाजपा नेता उमा भारती ने खुर्शीद को जेल भेजने की मांग की है। उमा ने कहा कि यदि श्री खुर्शीद को जेल नहीं भेजा गया तो निर्वाचन आयोग की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लग जाएगा। उधर अन्‍य दलों ने सलमान खुर्शीद के यूपी आने पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है।

भाजपानेता उमाभारती ने कहा कि निर्वाचन आयोग की फटकार के बावजूद केन्द्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने आचार संहिता का उल्लंघन किया है इसलिए उन्हें जेल भेजा जाए तथा चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने से रोका जाए। सुश्री भारती ने चुनावी स बोधित करते हुए कहा कि यदि श्री खुर्शीद को जेल नहीं भेजा गया तो निर्वाचन आयोग की कार्यशैली पर प्रश्नचिन्ह लग जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पहले देश को हिन्दू राष्ट्र घोषित करें फिर मजहब के आधार पर आरक्षण की घोषणा करें।

उन्होंने कहा कि धर्म के आधार पर आरक्षण गलत है इसलिए भाजपा इसका विरोध कर रही है। खुर्शीद की आलोचना के साथ ही कांग्रेस को भी उन्होंने जमकर खरी-खोटी सुनाई। कांग्रेस को घोटालों की जननी बताते हुए उन्होंने कहा कि इस पार्टी के शासनकाल में तो चौतरफा घोटाले ही घोटाले हैं। उत्तर प्रदेश की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि यूपी की सपा व बसपा सरकारों से जनता आजिज आ गयी है। सपा के समय जहां खाद् यान्न समेत कई घोटाले हुए वहीं बसपा सरकार में राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन समेत कई घोटाले हुए। उमाभारती ने दावा किया कि प्रदेश की जनता इस चुनाव में भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था के नाम पर सपा, बसपा और कांग्रेस को नकार देगी। चुनाव बाद भाजपा पूर्ण बहुमत के साथ प्रदेश में सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि भाजपा की सरकार ही इस प्रदेश के लिए बेहतर साबित होगी यह प्रदेश की जनता को भाज पा सरकार के गठन के 90 दिन के भीतर ही लगने लगेगा।

उधर राजनीतिक जानकारों का मानना है कि देश के चुनावी इतिहास में यह पहला मौका है जब निर्वाचन आयोग को आचार संहिता के उल्लघंन के मामले में किसी नेता को रोकने के लिये राष्ट्रपति के पास गुहार लगानी पड़ी हो। भाजपा और जनतादल (यू) ने श्री खुर्शीद को तत्काल बर्खास्त करने और उन्हें यूपी में नहीं आने देने की मांग प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह से की है। वहीं श्री खुर्शीद इस मामले में कुछ भी कहने से बचते रहे। श्री खुर्शीद की ओर से अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के सदस्य आबिद हुसैन ने कहा कि मामला अब चूकि राष्ट्रपति और निर्वाचन आयोग के बीच है इसलिये कानून मंत्री कोई टिप्पणी करना नहीं चाहते।

वहीं राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने श्री खुर्शीद के खिलाफ निर्वाचन आयोग की और से मिले शिकायती पत्र को प्रधानमंत्री के सचिवालय भेज दिया था। लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज, भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और रविशंकर प्रसाद ने राष्ट्रपति से इस मामले में तुरन्त हस्तक्षेप करने की अपील की है1 भाजपा नेताओं का कहना है कि श्री खुर्शीद अपने बयान पर देश की जनता से माफी मांगे। प्रधानमंत्री श्री खुर्शीद को मंत्रिमंडल से बर्खास्त करें कयोंकि श्री खुर्शीद ने आचार संहिता का उल्लघन गलती से नहीं बल्कि जानबूझ कर किया है।

जनतादल यू के अध्यक्ष शरद यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह केन्द्रीय कानून मंत्री को तुरन्त बर्खास्त करें और उनके यूपी में प्रवेश पर रोक लगायें। जानबूझकर किये गये इस अपराध के लिये माफी जैसी कोई बात नहीं होनी चाहिए। केन्द्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा और मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल श्री खुर्शीद के बचाव में आगे आये। श्री वर्मा ने कहा कि श्री खुर्शीद जि मेवार व्यक्ति हैं। वह कोई भी ऐसी बात नहीं कह सकते जिससे कांग्रेस पार्टी और सरकार के लिये परेशानी खड़ी हो।

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