लखनऊ एयरपोर्ट बना नेताओं के मिलन का अड्डा
हेलीकॉप्टर के जरिये एक दिन में चार से पांच जिलों का दौरा कर रहे हैं। ज्यादातर नेताओं का लखनऊ में डेरा है और वह लखनऊ से ही दूसरे जिलों के लिए उड़ान भर रहे हैं। एयरपोर्ट की हालत यह है कि सुबह नौ बजे से ही नेताओं का जुटान शुरु हो रहा है। वीआईपी लाउंज में तो हालात यह हो जाते हैं कि नेताओं के बैठने की जगह कम पड़ जाती है, लेकिन हेलीकॉप्टर उड़ान के लिए तैयार होने तक बैठना उनकी मजबूरी होती है। इस दौरान ऐसे ठहाके लगते हैं कि यकीन करना मुश्किल हो जाता है कि ये वही नेता हैं, जिन्हें हम सभाओं में या टीवी चैनलों पर एक-दूसरे बेहद आक्रामक अंदाज में कटाजुझ करते देखते हैं।
बस अड्डा सा लगता हवाईअड्डा
इन दिनों अमौसी एयरपोर्ट का नजारा किसी बस अड्डे या आटो स्टैंड सा लगता है। 25 से 30 हेलीकॉप्टर आड़े तिरछे खड़े होते हैं। पायलट में आपा-धापी। नेताओं को अपनी अपनी सभाओं के हिसाब से उड़ान भरने की जल्दी होती है लेकिन कंट्रोल रूम को एयर ट्रैफिक के अनुसार एक-एक कर उड़ान की अनुमति देनी होती है। नेता लोग पूछते रहते हैं, कितनी देर लगेगी? मेरी पहली मीटिंग का टाइम यहीं हो गया? जवाब मिलता - सर, बस 10 -15 मिनट और। बस फलां का हेलीकाप्टर टेक आफ करने जा रहा है, उसके बाद आपका ही नंबर है।













Click it and Unblock the Notifications