सुब्रह्मण्यम स्वामी राजग में शामिल होंगे

2जी मामले में केंद्र की यूपीए सरकार की नींद उड़ाने वाले सुब्रह्मण्यम स्वामी की जनता पार्टी को राजग में लाने की तैयारी हो रही है। सेतुसमुद्रम परियोजना के बाद अब टूजी मामले में स्वामी की भूमिका से राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ गदगद है। संघ के अलावा भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी भी स्वामी को एनडीए का हिस्सा बनाने के पक्ष में हैं। इस मामले पर अब अंतिम फैसला एनडीए के कार्यकारी अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी और संयोजक शरद यादव को करना है।
माना जा रहा है कि उत्तरप्रदेश समेत सभी पांचों राज्यों की चुनाव प्रक्रिया पूरी हो जाने के बाद संसद के बजट सत्र के दौरान स्वामी को एनडीए में लाने पर अंतिम फैसला हो जाएगा। सूत्रों के अनुसार, स्वामी को संघ भाजपा में लाने के लिए भी तैयार है, लेकिन उनके भाजपा में आने की राह में एक पुरानी व बड़ी बाधा कायम है।
स्वामी ने कभी पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी पर गंभीर आरोप लगाए थे जबकि भाजपा वाजपेयी को अपना आदर्श पुरुष मानती है। वाजपेयी को भाजपा का मुखौटा कहने वाले संघ के चर्चित चेहरे गोविंदाचार्य आज तक पार्टी में लौट नहीं पाए हैं। इसलिए संघ और गडकरी की इच्छा के बावजूद भाजपा स्वामी को गले लगाने से हिचकती रही है।
सूत्रों के अनुसार, भाजपा की इसी हिचक को दूर करने के लिए बीच का रास्ता निकाला जा रहा है। स्वामी को सीधे भाजपा में लाने की बजाए एनडीए का हिस्सा बनाने की तैयारी हो रही है। सेतुसमुद्रम परियोजना में स्वामी ने संघ की लाइन पकड़ी थी। बाद में केंद्र सरकार ने वह परियोजना ही ठंडे बस्ते में डाल दी। अब टूजी मामले पर अदालत में भी केंद्र के खिलाफ स्वामी ने ही मोर्चा खोला है। भाजपा और स्वामी की दोस्ती लंबे समय से जारी है।
भाजपा के एक बड़े नेता ने माना कि पार्टी का आरटीआई सेल सूचना के अधिकार कानून के तहत टूजी मामले में प्राप्त सरकारी दस्तावेजों को स्वामी को मुहैया कराता रहा है। संघ परिवार के निशाने पर आए केंद्रीय गृहमंत्री पी चिदंबरम के खिलाफ जारी मुहिम में भी स्वामी को भाजपा का पूरा सहयोग मिलता रहा है।












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