भाजपा को ले डूबेंगे कुशवाहा के खिलाफ सबूत
चुनावी बिसात पर बैठे कुशवाहा अब भारतीय जनता पार्टी के लिए गले की फांस बनते जा रहे हैं। न तो भाजपा उन्हें उगल पा रही है और न निगल पा रही है। चुनाव के ठीक पहले कुशवाहा के खिलाफ सबूतों के मिलने से यह साफ है कि इसका भाजपा के वोट बैंक पर आसर जरूर पड़ेगा।
खबर है कि पूर्व न्यायमूर्ति लोकायुक्त एनके मेहरोत्रा ने ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय के खिलाफ भी जमीन के हेरफेर मामले की जांग आगे बढ़ा दी है तथा उन्हें आगामी 9 फरवरी तक जवाब देने को कहा है। मामले की जांच के साथ ही मेहरोत्रा ने जांच रिपोर्ट कार्रवाई के लिए मुख्यमंत्री को प्रेषित कर दी है। उधर परिवार कल्याण विभाग के दो मुख्य चिकित्सा अधिकारी की हत्या के बाद मंत्रिमंडल से निकाले गये बाबू सिंह कुशवाहा के खिलाफ भी मामला गंभीर हो गया है। जांच रिपोर्ट में लोकायुक्त ने कहा है कि कुशवाहा की आय से अधिक संपत्ति मामले में पर्यात सबूत मिले हैं अत: इसकी जांच सीबीआई से करायी जानी चाहिये।
उन्होंने कहा कि इसके अलावा मनी लांडरिंग मामले में भी प्रवर्तन निदेशालय को जांच करानी होगी। ज्ञात हो कि लोकायुक्त कुशवाहा के खिलाफ मंत्री पद के दुरुपयोग और फर्जी नाम से संपत्ति बनाने के मामले की जांच कर रहे थे। इतना ही नहीं कुशवाहा राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में हुए करोड़ों के घोटाले में भी आरोपी हैं। मालूम हो कि कुशवाहा के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के दूसरे दिन ही गत चार जनवरी को उनके आवास पर सीबीआई ने छापा मारा था जिस दौरान उनके आवास से कई महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किये गए थे।
उनके खिलाफ राम चरण कुशवाहा तथा अन्य नाम से संपत्ति की खरीद की शिकायत भी दर्ज है। इसके अतिरिक्त खनन मंत्री के पद पर रहते हुए कुशवाहा ने बांदा, महोबा, चित्रकूट और हमीरपुर जिले में अपने सम्बंधियों को खनन का ठेका दिलाया। आरोप है कि कुशवाहा ने श्रीनाथ प्रॉपर्टीज और भागवत प्रसाद कुशवाहा शिक्षण कल्याण संस्थान में अपनी काली कमाई लगायी।













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