नकली सोने पर मुथूट से लोन, 5 गिरफ्तार

अपराध शाखा के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त संजय भाटिया के मुताबिक, मुथूट फिनकॉर्प नजफगढ़ शाखा के मैनेजर वरुण कुमार ने ठगी की शिकायत की थी। उन्होंने बताया कि कंपनी ने ग्राहकों के लिए कई योजनाएं शुरू की हैं, जिनमें सोने के बदले ग्राहक को लोन देना और कंपनी से किस्त पर सोने के बिस्कुट और सिक्के खरीदना शामिल है। सोने की जांच गोल्ड इंस्पेक्टर करता है। जांच के दौरान गत वर्ष नवंबर में करोलबाग निवासी दलजीत सिंह, लोधी रोड के हरीश कुमार और मंगोलपुरी के लोकेश वर्मा पर संदेह हुआ, जिन्होंने सोने का बिस्कुट देकर लोन लिया था।
नकली सोना रखकर लोन लेने के इस रैकेट का मास्टर माइंड संदीप वर्मा नामक व्यक्ति है। पेशे से वह सुनार है। गिरोह ने मुथूट कंपनी द्वारा बाजार में बेचे जाने वाले सोने की डाई बना ली थी। नकली सोना इसी डाई की मदद से बनाया जाता था। नकली सोने पर मुथूट की मुहर लगी होने के कारण कर्मचारी ज्यादा जांच पड़ताल नहीं करते थे। गिरोह ने मुथूट फाइनेंस की करोलबाग ब्रांच में कार्यरत दो कर्मियों को भी अपने साथ मिला लिया था।
जांच में गिरोह द्वारा मुथूट फाइनेंस की करीब एक दर्जन ब्रांच से सोने के नकली सिक्के और आभूषण रखकर करीब दो करोड़ रुपये लोन लेने का पता चला है। पड़ताल आगे बढ़ी और सबइंस्पेक्टर गुरमीत सिंह ने एक सूचना पर द्वारका से संदीप उर्फ हरीश, धीरज, मतलूब, दलजीत और चरणजीत को दबोच लिया। इनके पास से कटर, सौ और बीस ग्राम की डाई बरामद की, जिसका उपयोग सोने का बिस्कुट बनाने किया गया था। उन लोगों ने बताया कि उन्होंने फर्जी पहचान पत्र और नकली बिस्कुट देकर मुथूट की कई ब्रांच से करीब दो करोड़ का लोन लिया है। लोन की रकम को संदीप ने सोने के व्यवसाय में लगाया, साथ ही स्विफ्ट कार और बुलेट खरीदी, जबकि धीरज और मतलूब ने जीवन पार्क, उत्तम नगर और पंखा रोड पर प्रॉपर्टी खरीदी।











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