कोलकाता पुस्‍तक मेले में ममता की बुक ने मचाई धुम

mamta banerjee
कोलकाता। कोलकाता पुस्तक मेले में चेतन भगत या विक्रम सेठ जैसे लेखकों की पुस्तकों की तुलना में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी द्वारा लिखी गई पुस्तकें कहीं अधिक बिक रही है। दुनिया के सबसे बड़े पुस्तक मेले में शामिल इस सालाना पुस्तक मेले के विपणन के आंकड़ों के मुताबिक इसमें ममता एक साहित्यिक सनसनी के तौर पर उभरी हैं। डेज पब्लिशिंग के सुधांगशु डे ने बताया कि हमारी पुस्तक की जबरदस्त मांग है।

हमारे पास इसकी कमी पड़ गई है। ममता की पुस्तकों का 1995 से प्रकाशन कर रहे डे ने बताया कि पिछले पांच दिनों में उनकी (ममता की) पुस्तकों की हजारों प्रतियां बिक चुकी हैं। पिछले साल ममता द्वारा लिखी गई पुस्तकों की बिक्री से 10 लाख रूपये प्राप्त हुए थे, इसमें से उन्हें एक लाख रूपये रायल्टी मिली थी। प्रकाशक ने बताया कि उनकी पुस्तकों की बिक्री पिछले साल लोकप्रिय बांग्ला लेखक मणि शंकर मुखर्जी और बुद्धदेव गुहा की बिकने वाली पुस्तकों के बराबर है।

उनकी लोकप्रियता के ग्राफ में बढ़ोतरी होने से इस बार उनकी पुस्तकों की बिक्री भी अच्छी हुई है। उनकी हालिया रचनाओं में परिवर्तन (बदलाव), कविता (कविता) और माई अनफोरगेटेबल मेमोरीज शामिल है। नेता होने के अलावा एक नियमित लेखिका और इस कवियत्री (ममता) ने लगभग 33 पुस्तकें लिखी हैं। इनमें से तीन पुस्तकें पिछले हफ्ते मेले के उदघाटन के दौरान रिलीज हुई। बांग्ला में चित्रामय पुस्तक परिवर्तन में ममता के एक सामान्य राजनीतिक कार्यकर्ता से लेकर पश्चिम बंगाल की सत्ता के सवोच्‍च0 पद पर काबिज होने तक को दर्शाया गया है। वहीं, कविता 60 से 70 कविताओं का संग्रह है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+