पाकिस्तान का नई करतूत, अब अबू धाबी से आने लगे जाली नोट

अब अबू धाबी से सीधे यात्रियों के जरिए नकली नोट भेजने का काम शुरू हो गया है। हालांकि यात्रियों को नहीं बताया जाता कि यह नकली नोट है। इसी झांसे में एक आदमी आ गया। बेल्जियम के एक नागरिक को सुरक्षाकर्मियों से यह सवाल पूछना भारी पड़ गया कि उसके पास जो भारतीय नोट हैं वो असली हैं या नकली। नकली नोटों के साथ भारत आए इस शख्स को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल में डाल दिया।
यूसुफ एल हदोशी को गणतंत्र दिवस पर इंदिरा गांधी हवाईअड्डे से गिरफ्तार किया गया था। वह अबू धाबी से आया था। उसके पास 22 हजार रुपये के नकली भारतीय नोट थे। हालांकि पुलिस का मानना है कि यूसुफ बेकसूर है और वह जाली भारतीय मुद्रा को फैलाने में जुटे संगठित गिरोह का शिकार हुआ है। ऐसा जान पड़ता है कि पाकिस्तान की खूफिया एजेंसी आईएसआई और अंडरवर्ल्ड के सहयोग से यह गिरोह संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) में फल-फूल रहा है।
पुलिस उपायुक्त (आईजीआई) आर ए शर्मा ने कहा, ‘हमने उसे गिरफ्तार किया क्योंकि उसके पास जाली मुद्रा थी। हमने बेल्जियम के दूतावास को इसकी जानकारी दे दी है।’ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि यूसुफ को उसके पास मौजूद रुपयों के लेकर संदेह था। एयरपोर्ट पर आने के बाद वह अपनी शंका को दूर करने के लिए सीआईएसएफ के सुरक्षाकर्मियों के पास पहुंचा।
वह उसे एयरपोर्ट पर मौजूद विदेशी मुद्रा बदलने वाली एक कंपनी के पास ले गए, जहां इस बात की पुष्टि हो गई कि उसके पास हजार-हजार रुपये के 22 नोट नकली हैं। सुरक्षाकर्मियों ने एयरपोर्ट पर मौजूद बैंक से भी नोटों की जांच कराई। पुलिस अधिकारी ने कहा कि इस मामले से खाड़ी देशों में फैले जाली नोटों के नेटवर्क पर रोशनी पड़ेगी। यूसुफ ने यूरो के बदले यह नोट हासिल किए थे। रैकेट चलाने वालों ने उसे दूसरे नाम से रसीद दी और नोटों का ब्योरा भी गलत लिखा, जिसपर उसने उस वक्त ध्यान नहीं दिया था।












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