मणिपुर चुनावी हिंसा में पांच की मौत

राज्य में हेलीकाप्टर को भी आपात स्थिति के लिए रखा गया है जबकि अर्धसैनिक बलों को मतदान केंद्रों पर तैनात किया गया था। इस बड़ी घटना को छोडकर राज्य से और भी छोटी छोटी घटनाएं सामने आ रही है। लेकिन राज्य में इतनी सुरक्षा आतंकियों को हिंसा फैलाने से नहीं रोक सकी। वैसे ऐसा पहली बार नहीं विधानसभा चुनाव के लिए ऐसी घटनाए आम बात सी है।
इससे पहले चुनाव की डेट का एलान होते हुए उग्रवादियों ने अपनी प्रतिक्रिया देना शुरू कर दिया था। उन्होनें कहा था कि मणिपुर के चुनावी अभियान में जो भी भाग लेगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उग्रवादी संगठनों ने बयान में कहा है कि उनका एकमात्र लक्ष्य मणिपुर को एक स्वतंत्र देश बनाने का है। इन संगठनों ने कहा कि चुनावों का जन कल्याण से कोई वास्ता नहीं है। इस पर प्रतिक्रिया जताते हुए मणिपुर विधानसभा के अध्यक्ष हेमचंद्र सिंह ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है।












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