कट्टरपंथियों ने तो मेरी कलम रोकने की कोशिश की: सलमान रुश्दी
जयपुर। अपने वीडियो कांफ्रेसिंग को रोके जाने पर सलमान रूश्दी ने निराशा और गुस्सा दोनों ही दिखाया है। रूश्दी ने टि्वटर पर लिखा है कि मुसलमानों के विरोध ने अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का गला घोंटा है। यह तो सीधे तौर पर मेरी कलम पर वार है, जो कि एकदम गलत है। सच्चे लोकतंत्र में हर एक को बोलने की आजादी होती है और सिर्फ धमकाने वालों को ही बोलते की आजादी नहीं होती।
गौरतलब है कि भारतीय मूल के ब्रिटिश लेखक रुश्दी मंगलवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए साहित्य महोत्सव को संबोधित करने वाले थे, लेकिन मुसलमानों के विरोध के कारण इजाजत को वापस ले लिया गया। आयोजकों ने पहले ये तय किया था कि शाम पौने चार बजे रुश्दी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए साहित्य सम्मेलन से जुड़ेंगे, लेकिन मुस्लिम संगठनों ने रुश्दी के बोलने पर आपत्ति जताई है और इसके बाद उनकी वीडियो कॉन्फ़्रेंसिंग को रद्द कर दिया गया।













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