मालदा में 27 शिशु मौत की भेंट चढ़े

अस्पताल के प्राचार्य देवाशीष भट्टाचार्य ने पहले कहा था कि अस्पताल में उपलब्ध बिस्तरों की संख्या से ज्यादा मरीज भर्ती हैं। अभी तक ज्यादातर मौत माल्दा के बाहर के इलाकों से आये मामलों में हुई हैं। इन बच्चों की मौत का कारण जन्म के समय कम वजन होना और ब्रोंकोनिमोनिया, सेप्टीसेमिया से ग्रस्त होना है।
इस अस्पताल में बांग्लादेश, उत्तरी और दक्षिणी दिनाजपुर, मुर्शिदाबाद और झारखंड से भी मरीज आते हैं। अस्पताल ने पहले ही नवजात शिशु चिकित्सा इकाई के बिस्तरों की संख्या 15 से बढ़ाकर 22 करने का फैसला किया था। अस्पताल में शिशु विशेषज्ञ चिकित्सकों की संख्या बढ़ाने का भी निर्णय किया गया है।












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