मणिपुर में भाजपा को समर्थन की आस
इंफाल। मणिपुर में जहां एक तरफ सत्तारूढ़ कांग्रेस फिर से सत्ता में वापसी की बाट जोह रही है वहीं विपक्षी गठबंधन को भाजपा व भाकपा की मदद से सत्ता पलटने लायक जीत की उम्मीद है। मणिपुर में विपक्षी पीपुल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट (पीडीएफ) को प्रदेश की 60 विधानसभा सीटों में से 29 पर जीत हासिल करने की उम्मीद है। यह संख्या बहुमत से दो कम है। गठबंधन में मणिपुर पीपुल पार्टी (एमपीपी), राकांपा, माकपा और जदयू शामिल हैं।
गठबंधन अब भाजपा और भाकपा से समर्थन की आस लगा रहा है। जिनके साथ एनपीपी और राकांपा ने अलग तरह की सहमति विकसित की है। राकांपा महासचिव और पूर्व लोकसभा अध्यक्ष पी ए संगमा का दावा है कि पार्टी जिन 22 सीटों पर किस्मत आजमा रही है उनमें से कम से कम 15 पर जीत हासिल करेगी वहीं एनपीपी अध्यक्ष निमाचंद लुवांग ने कहा कि उनकी पार्टी 10 सीटें जीतेगी।
जदयू के प्रदेश अध्यक्ष एम टोंबी ने उम्मीद जताई कि उसके पांच में से चार उम्मीदवार जीत हासिल करेंगे। विपक्ष ने अभी तक अपना साझु न्यूनतम कार्यक्रम घोषित नहीं किया है लेकिन सशस्त्र बल विशेषाधिकार कानून को हटाना और जनता को सुरक्षा प्रदान करने जैसे विषय इस दौरान प्रमुख रहेंगे। लुवांग ने कहा कि विपक्ष कांग्रेस सरकार की जनता को आर्थिक संकट से बचाने में विफलता के मद्देनजर जीत हासिल करेगा।













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