चुनाव आयोग ने किया दलितों से भेदभाव: मायावती

लखनऊ। अपनी मूर्तियों और हाथी पर चले चुनाव आयोग के चाबुक पर पहली बार बोलते हुए मायावती ने कहा कि चुनाव आयोग ने उनकी पार्टी की एक नहीं सुनी, बस अपना फरमान सुना दिया ।

माया ने कहा कि आयोग का फरमान एकतरफा है। उन्होंने आयोग पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाया। आयोग ने गलती की है। भारतीय परंपराओ में हाथी को शुभ माना जाता है, हाथी से स्वागत कराया जाता है। लेकिन आयोग ने कहा है कि इससे बसपा का प्रचार हो रहा है। इसका मतलब यह हुआ कि आयोग ने परंपराओं का भी अपमान किया है। आयोग का फैसला राजनीति से प्रेरित है।

जहां तक पार्टी के प्रचार की बात है तो आयोग को हाथी की ही तरह पंजा, कमल, हैडपंप सबको ढक देना चाहिए लेकिन चूंकि यह दलितों से नहीं जुड़े हैं इसलिए आयोग ने इन्हें नहीं ढ़का। लेकिन कोई बात नहीं, आयोग ने इस तरह का काम करके हमारा फायदा ही कराया है, इससे पूरे देश में पार्टी का प्रचार हो गया, पार्टी के करोड़ो बच गये।

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