पगड़ी मामले में सिक्ख ने यूएन में फ्रांस को हराया

सिंह को उसके खराब स्वास्थ्य के बावजूद 2005 से ही सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली का या अन्य कोई सामाजिक लाभ नहीं मिल रहा था क्योंकि पगड़ी उतारने से उनके इंकार पर उन्हें आवास कार्ड देने से इंकार कर दिया गया था। युनाइटेड सिख ने एक बयान में कहा कि यूएनएचआरसी ने कहा कि परिचय पत्र फोटाग्राफ के लिए पगड़ी उतारना केवल एक बार की जरूरत होने के बावजूद यह रंजीत सिंह की धार्मिक स्वतंत्राता में लगातार हस्तक्षेप होगा।
वह हमेशा परिचय पत्र में पगड़ी के बिना दिखेगा इसलिए पहचान की जांच के दौरान उसे हर बार पगड़ी उतारने के लिए बाध्य किया जाएगा। युनाइटेड सिख के अनुसार संयुक्त राष्ट मानवाधिकार इकाई ने कहा कि फ्रांस यह स्पष्ट करने में विफल रहा कि पगड़ी पहचान में किस तरह बाधक है क्योंकि व्यक्ति का चेहरा दिखता रहेगा और वह सभी मौकों पर पगड़ी पहने होगा।
इसलिए यह कानून अंतर्राष्ट्रीय दायित्व नागरिक एवं राजनीतिक अधिकार की धारा 18 का उल्लंघन है जो चार फरवरी 1981 को अस्तित्व में आया था। पंजाब में सिक्ख समुदाय द्वारा जीत मिलने पर खुशी है।












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