अपनी भाषा पर लगाम लगाएं राहुल: भाजपा

हालांकि बाद में अपनी गलती सुधारी आखिर तब क्यों श्री गांधी चुप रहे थे। उन्होंने कहा कि श्री गांधी के भाजपा पर राम को बेचने संबंधी बयान की वह निंदा करते हैं और उन्हें अपनी भाषा पर नियंत्रण रखने की सलाह देते हैं। श्री प्रसाद ने कहा कि अयोध्या विवाद को हल करने के लिए मनमोहन सरकार ने कोई प्रयास नहीं किया जबकि इससे पहले पूर्व प्रधानमंत्री चन्द्रशेखर वीपी सिंह, पी वी नरसिंहराव और अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार ने इस विवाद के हल की ठोस शुरुआत की थी।
प्रदेश विधानसभा चुनाव के मद्देनजर उन्होंने कहा कि सपा, बसपा और कांग्रेस तीनों आपस में मिले हुए हैं और इन तीनों ही ने राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण इस राज्य को बर्बाद कर रखा है। दिल्ली में इनकी दोस्ती है और लखनऊ में दिखावे के लिए एक-दूसरे का विरोध करते हैं। उन्होंने कहा कि मुसलमानों को दिये जा रहे आरक्षण का भाजपा संसद से सड़क तक विरोध करेगी। पिछड़ों के कोटे से साढ़े चार प्रतिशत निकालकर पिछड़ों का हक मारा जा रहा है। पार्टी मजहब के आधार पर आरक्षण किसी सूरत में बर्दाश्त नहीं करेगी। वहीं बाबू सिंह कुशवाहा मसले पर वह पार्टी का बचाव करते नजर आये और उन्होंने कहा कि श्री कुशवाहा की सदस्यता फिलहाल स्थगित कर दी गयी है।












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