12 लाख से अधिक की आबादी वाले जिले में एक भी लेडी डाक्टर नहीं

Not a Single Lady Dr in Mewat, Haryana
मेवात। मेवात जिले की आबादी 12 लाख से अधिक है। जिले की महिलाओं के स्वास्थ्य की देख-रेख के लिऐ जिले में एक भी महिला विशेषज्ञ डाक्टर नहीं हैं। महिला डाक्टर नहीं होने से अपना इलाज कराने वाली महिलाओं को मायूस होकर लौटना पड रहा है। ये आलम तब है जब राज्य सरकार ने मेवात जिले में कार्यरत डाक्टरों को वेतन के अलावा अलग से 25 हजार रूपये प्रतिमाह भत्ता देना तय किया हुआ है।

डिलीवरी के समय गांवों में दाईयों से शर्माने वाली महिलाओं को सरकारी अस्पतालों में जब नर्सो से डिलेवरी नहीं हो पानी तो पुरूष डाक्टरों से डिलीवरी करानी पड जाती है या फिर ऐसी महिलाओं को रेफर करने के अलावा विभाग के पास कोई चारा नही होता है। स्वास्थ्य विभाग भले ही जिले की महिलाओं को स्वस्थ रखने के लिऐ करोडों रूपये खर्च कर लम्बे चौडे दावे कर रहा हो लेकिन हकीकत कोसों दूर है। दिलचस्प बात यह है कि पहली जून 2011 को सोनियां गाधी ने मेवात के नगीना से देश व्यापी शिशु जननी सुरक्षा योजना की शुरूआत की थी।

गौरतलब है कि मेवात जिला में पुन्हाना, नगीना, फिरोजपुर झिरका, ताउडू, और नूंह खण्ड की करीब 12 लाख की आबादी है। जिनमें से करीब 6 लाख महिला हैं। अनपढता की वजह से मेवात कि महिलाये पुरूष डाक्टरों को अपनी बिमारी के बारे में बताने से हिचकिचाती हैं इसी वजह से उनकी बिमारी ओर ज्यादा बढ जाती है।

अल आफिया अस्पताल मांडीखेडा में इलाज कराने आई शबनम ने बताया कि कुछ बीमारियां महिलाओं में इस प्रकार की होती है जिन्हें पुरूष डाक्टरों को बताने में महिलाऐं हिचकती हैं। शिकरावा गांव से करीब 20 किलोमीटर का लम्बा सफर तय कर अपना इलाज कराने अल आफिया अस्पताल मांडीखेडा पहुंची संगीता, महिला डाक्टर नहीं होने से परेशान हैं। उन्होनें कहा कि मेवात में महिलाओं की चिकित्सा को लेकर स्वास्थ्य विभाग के पास पुख्ता प्रबंध नहीं हैं।

पीडित आबिद हुसैन का कहना है कि वह अपनी पतनी को लेकर मांडीखेडा लेकर उसका इलाज करने की बजाये उसे गुडगांव रेफर कर दिया। गरीब आदमी अपना इलाज कराने के लिये सरकारी अस्पतालों मे आते हैं और ये रेफर कर देते हैं। उसमान दुर्रानी समाज सेवी का कहना है कि मेवात जिला मे सोनिया गाधी ने जननी शिशु सूरक्षा योजना तो शुरू कर दी लेकिन एक भी महिला चिकित्सा डाक्टर की नियुक्ति नहीं की गई।

सरकार नहीं चहाती की मेवात के लोगो को सुविधाये मिले। इस लिये मजबूर होकर मरीजो को देर दराज इलाज के लिये जाना पडता है। दूसरे जिलों में कई कई लेडी डाक्टर सर पलस है। मेवात मे एक भी नहीं है। मेवात में एक भी लेडी डाक्टर ने होने की वजह से हर रोज यहां की हस्पतालों से उन्हें दिल्ली, गुडगावं और अलवर के लिये रेफर कर देते हैं।

मेवात सिविल सर्जन केएस राव भी मानते हैं कि मेवात की करीब 12 लाख से अधिक आबादी पर सरकारी अस्पतालों में कोई महिला डाक्टर नहीं है। सीएमओ ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग हरियाणा ने 2008 से अब तक 136 डाक्टर मेवात में लगाऐ लेकिन सिर्फ 60 डाक्टर ही मेवात में आऐ जिनमें से काफी डाक्टर छोडकर चले गऐ। विधायक आफताब अहमद का कहना है कि जल्दी ही मेवात में लेडी डाक्टर की नियुक्ति कर दी जाऐगी। उन्होने बताया कि उनकी सरकार मेवात के डाक्टरों को वेतन के अलावा 25 हजार रूप्ये प्रति माह बोलस के रूप में अलग से देती है। बहुत से डाक्टर मेवात आना ही नहीं चहाते वे मुख्यमंत्री से बात कर जल्दी ही मेवात में लेडी डाक्टरों की नियुक्ति कराई जायेगी।

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