अन्ना के अनशन का जमीयत ने किया विरोध

गौरतलब है कि सोमवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के साथ साठगांठ के कांग्रेस के आरोपों को धोने के लिए टीम अन्ना ने मौलानाओं और उलमा को अपने साथ दिखाने की कोशिश की। इसी क्रम में अन्ना के सहयोगी अरविंद केजरीवाल कुछ मुस्लिम धर्मगुरुओं के साथ मीडिया के सामने हुए और यह साफ करने की कोशिश की इस आंदोलन का सांप्रदायिकता से कुछ लेना देना नहीं है। हालांकि उलमा ने भी उन्हें इस आंदोलन में पूरी मदद का भरोसा दिया। पर जमीयत ने इसका विरोध किया है।
सूत्रों ने बताया कि अन्ना के अनशन से एक दिन पहले टीम अन्ना के सदस्यों ने ऑल इंडिया उलेमा काउंसिल के महासचिव मौलाना महमूद दरियाबादी के अलावा कई और दूसरे मजहबी नेताओं से मुलाकात कर आंदोलन के बारे में चर्चा की। इस बैठक के बाद अरविंद केजरीवाल ने कहा कि अन्ना का हमेशा से कहना रहा है कि भ्रष्टाचार कभी मजहब नहीं देखता। जिस तरह आजादी की लड़ाई सभी धर्म और जाति के लोगों ने मिलकर लड़ी थी, उसी तरह भ्रष्टाचार के खिलाफ यह लड़ाई भी लड़ रहे हैं।
साथ ही उन्होंने सांप्रदायिकता को भ्रष्टाचार से भी बड़ी समस्या माना और भरोसा दिलाया कि सांप्रदायिकता विरोधी लड़ाई में भी अन्ना और सहयोगी उनका पूरा साथ देंगे। इस अवसर पर मौलाना दरियाबादी ने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि अन्ना जिस तरह अपने भविष्य के कार्यक्रम में चुनाव सुधार की बात अहमियत के साथ रखते हैं, उसी तरह फिरकापरस्ती के खिलाफ भी आवाज उठाएं।












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