संसद ही तय करेगी लोकपाल का खाका: प्रणब मुखर्जी

Finance Minister Pranab Mukherjee
दिल्ली (ब्यूरो)। सशक्त लोकपाल के मुद्दे पर मुंबई में अन्ना हजारे के अनशन के एक दिन पहले सरकार ने साफ कर दिया है कि लोकपाल का स्वरूप संसद में ही कय होगा। ममता बनर्जी की मां के देहांत के बाद उनसे कोलकाता मिलने पहुंचे मुखर्जी ने पत्रकारों से कहा कि कानून बनाना संसद का काम है। हमने अन्ना हजारे तथा उनकी टीम के साथ कई दौर की वार्ता की थी। हम उनके बिंदुओं को जानते हैं। उनके साथ बैठकों के लगभग नौ दौर पहले ही हो चुके हैं। उसके बाद भी वार्ताकारों के जरिए उनके साथ कुछ चर्चा हुई।

अनशन पर जाने की हजारे की चेतावनी और कानून पर कल संसद में होने जा रही चर्चा के बारे में टिप्पणी मागे जाने पर उन्होंने कहा कि यह तय करना संसद का काम है कि कानून का अंतिम स्वरूप क्या होना चाहिए। वहीं शनिवार को चेन्नई में प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री वी. नारायणसामी ने भी यह कह कर सरकार का रूख साफ कर दिया था कि लोकपाल विधेयक को कोई सड़क पर या मैदान में नहीं पारित कर सकता। विधेयक को केवल संसद में मतदान के जरिए ही पारित किया जा सकता है।

टीम अन्ना के सदस्य संसद की ओर से फैसला नहीं कर सकते। हम इससे सख्ती से निबटेंगे। आपको बता दें कि इस विधेयक को संसद में शीतकालीन सत्र में ही पारित किया जाना है। इसके लिए मंगलवार से इस पर बहस शुरू होनी है।

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