संसद में खाद्य सुरक्षा बिल आज होगा पेश, कुछ राज्यों ने किया विरोध

Manmohan Singh
नई दिल्ली। आज संसद में केन्द्र सरकार की महात्वाकांक्षी योजना यानी खाद्य सुरक्षा बिल पेश हो सकता है। सोनिया गांधी के इस सुनहरे सपने वाला बिल विरोधियों के हत्थे चढ़ सकता है। क्योंकि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार, तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जयललिता और उड़ीसा के सीए बीजू पटनायक ने इस बिल का विरोध किया है।

इन लोगों का कहना है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक भ्रम और त्रुटियों से भरा हुआ हैं। यहां आपको बता दें कि केंद्रीय मंत्रिमंडल ने रविवार को राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा विधेयक को मंजूरी दी।

जयललिता ने केंद्र सरकार से कल्याणकारी योजनाओं को बनाने और उन्हें लागू करने का जिम्मा राज्यों पर छोड़ने और खाद्य विधेयक के दायरे से तमिलनाडु को बाहर रखने का भी अनुरोध किया। तो बिहार के सीएम नीतीश कुमार का कहना है कि यह तो लोगो के साथ नाइंसाफी है। एक ही चीज को अलग-अलग आदमियों को अलग-अलग बेचा जा रहा है जो कि एकदम गलत है।

आपको बता दें कि खाद्य सुरक्षा बिल के अनुसार सरकार ग्रामीण क्षेत्रों के 46 फीसदी लोगों को प्रत्येक महीने 7 किलो अनाज दिया जाएगा। इस योजना का सीधा लाभ गरीबों की रेखा के नीचे रह रहे लोगों को मिलेगा। शहरी क्षेत्रों के 28 प्रतिशत लोगों को इस योजना का लाभ मिलेगा।

ग्रामीण क्षेत्रों में 3 रूपए किलो चावल, 2 रूपए प्रति किलो गेंहू और 1 रूपए प्रति किलो दाल मिलेगी। ग्रामीण क्षेत्रों में 75 फीसदी और शहरी क्षेत्रों में 50 फीसदी लोगों को इस कानून के तहत भोजन का अधिकार मिलेगा। गर्भवती और अभावग्रस्त महिलाओं को मुफ्त भोजन और मिड डे मील से कार्यक्रमों में खाने की व्यवस्था शामिल है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+