राष्ट्रपति हुई युद्धपोत पर सवार

नौसैनिक टोपी पहनकर पाटिल युद्धपोत पर विशेष तौर पर तैयार किए गए मंच पर नौसैनिक प्रतीक को प्रदर्शित कर रही छतरी के नीचे बैठीं। राष्ट्रपति के साथ रक्षा मंत्री एके एंटनी, तीनों सेना के प्रमुखों सहित चार कबीना मंत्री भी हैं। 150 जवानों के सलामी गारद का निरीक्षण करने और 21 तोपों की सलामी के साथ सशस्त्र सेना की सर्वोच्च कमांडर पाटिल ने सुबह 9 बजे समीक्षा की शुरूआत की।
सलामी के जवाब में पाटिल ने खड़े होकर सभी जहाजों को सलामी दी। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने आज नौसेना से कहा कि वह खुद को मजबूत करने के साथ ही क्षेत्रीय शांति सुनिश्चित करे क्योंकि भारत की बढ़ती ताकत और विस्तार लेते हितों के लिए यह जरूरी है। प्रतिभा ने यहां अपने सम्मान में आयोजित एक समारोह में कहा कि भारत की बढ़ती राष्ट्रीय ताकत और विस्तार लेते महत्वपूर्ण हितों के लिए हमें सिर्फ वर्तमान में ही अपनी नौसेना को मजबूत नहीं करना है, बल्कि आगे भी इसे जारी रखना अनिवार्य है।












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