9 लाख चुकाकर ही हुआ केजरीवाल का इस्तीफा मंजूर

जब इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने अरविंद केजरीवाल को नोटिस भेजा था उस समय उन्होंने कहा था कि उन्होंने किसी भी तरह की शर्तों को नहीं तोड़ा है। अपने नोटिस में इनकम टैक्स डिपार्टमेंट में कहा था कि अरविंद केजरीवाल ने सन् 2000 में पढ़ाई पूरी करने के लिए नौकरी से छुट्टी ली थी। जिसके बाद उन्होंने तय शर्तों को पूरा किए बिना नौकरी छोड़ दी।
जिसके बाद डिपार्टमेंट ने उनसे 2 साल की नौकरी का पैसा वापस मांगा था। जो ब्याज सहित 9 लाख होता था। जब डिपार्टमेंट ने अरविंद केजरीवाल की दलील नामंजूर करते हुए उन्हें रकम अदा करने के लिए कहा तो उन्होंने अपने दोस्तों से उधार लेकर यह पैसा चुकाया।
फिलहाल सरकारी नौकरी से आजाद होकर अरविंद केजरीवाल अब सरकार के खिलाफ अन्ना के आंदोलन में जुट गए हैं। जिसके लिए उन्होंने अपनी नौकरी से भी त्यागपत्र दे दिया था। अब देखना है कि वे सरकार को घेरने में कितना कामयाब हो पाते हैं।












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