घने कोहरे के बीच दिल्ली का तापमान 5 डिग्री

मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले 5 दिन तक अधिकतम तापमान में कोई बड़ा अंतर देखने को नहीं मिलेगा। रविवार को एनसीआर दिल्ली परिक्षेत्र में सबसे ठंडा क्षेत्र दर्ज हुआ। दिल्ली का न्यूनतम तापमान सामान्य से 3 डि.से. नीचे 5 डि.से. और अधिकतम तापमान 23 डि.से. दर्ज किया गया। आज सुबह तापमान और नीचे चला गया।
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में सबसे ठंडा एनसीआर रहा। रविवार को हरियाणा के हिसार व रोहतक में न्यूनतम तापमान 1.6 डि.से. और गुड़गांव में 1.8 डि.से. दर्ज किया गया। यूपी के हिंडन क्षेत्र में न्यूनतम तापमान 1.7 डि.से. और मेरठ में 2.2 डि.से. दर्ज किया गया। हालांकि मेरठ में सबसे नीचे 15.2 डि.से. दर्ज किया गया। वहीं रोहतक में अधिकतम तापमान सबसे अधिक 24.1 डि.से. दर्ज किया गया।
दिल्ली के पूसा, नरेला, मंगेशपुर व लोधी रोड केन्द्र पर न्यूनतम तापमान 5 डि.से. से नीचे दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में दिल्ली, हरियाणा, यूपी व पंजाब के कुछ इलाकों में दृश्यता 100 मीटर के नीचे जाने की चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि घना कोहरा जन जीवन को सुबह के समय प्रभावित करेगा।
अधिकतम तापमान में बेशक कोई बड़ा अंतर देखने को नहीं मिलेगा लेकिन न्यूनतम तापमान में वृद्धि दर्ज की जाएगी। फिर भी दिन में ठंड बनी रहेगी। कोहरे से लड़ने के लिए रेलवे ट्रैक पर पटाखे फोड़ता है। एक बार फिर रेलवे ‘पटाखों’ के सहारे कोहरे से निपटने की तैयारी में है। यह पटाखे (डेटोनेटर) धुंध में ट्रेन ड्राइवरों को सतर्क करने के लिए फोड़े जाते है।
ट्रेन का चालक धुंध में इस बात की जानकारी ले सके कि आगे सिग्नल है। रेलवे ने एक बार फिर पारंपरिक तरीके को ही अपने जा रहा है। कड़ाके की ठंड के दस्तक और देर रात से ही धुंध के कारण ट्रेनों की रफ्तार धीमी पड़ गई है। रेलवे अधिकारी भी ट्रेन की गति धीमी रखने की हिदायत ड्राइवरों को दे चुके हैं। बावजूद कोहरा बढ़ने पर ड्राइवरों को सिग्नल दिखाई नहीं देते।
यही वजह है कि अंग्रेजों के जमाने से धुंध से सतर्क करने के लिए रेलवे डेटोनेटर (पटाखे) का प्रयोग करता है। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी एसके शर्मा के अनुसार डेटोनेटर एक तरह का पटाखा है जिसे ट्रैक पर सिग्नल से 270 मीटर पहले फॉगमैन ट्रैक पर बांधते हैं। यह हाथ घड़ी की तरह होता है। ट्रेन के दबाव से पटाखा फूटता है और ड्राइवर सतर्क हो जाते है।
उत्तर रेलवे के दिल्ली, मुरादाबाद, अंबाला, फिरोजपुर, लखनऊ मंडल के ट्रैकों पर लगाने के लिए 2005-06 में दो लाख डेटोनेटर प्रयोग किए गए, जिनपर 1,81,74,000 रुपये खर्च हुए। 06-07 में 1.39 करोड़ रुपये के 1.79 लाख डेटोनेटर नए खरीदे गए थे। वहीं इस वर्ष अभी तक दो लाख डेटोनेटर का इंतजाम किया गया है।
रेलवे अधिकारियों के अनुसार अधिक की आवश्यकता पड़ने पर आर्डिनेंस फैक्टरी और अधिक डेटोनेटर मंगाए जाएंगे। डेटोनेटर के साथ ही इस वर्ष रेलवे फॉग डिवाइस का भी सहारा ले रहा है। जीपीआरएस से लैस यह फॉग डिवाइस सिस्टम दिल्ली मंडल में ट्रेन के आने पर लग जाता है। इस इक्यूपमेंट में और अधिक इजाफा करने की तैयारी में है।
1300 फॉग डिवाइस जल्द ही आर्डर किया जाएगा। रेलवे ने इस वर्ष 623 फॉग डिवाइस खरीदें हैं। फिलहाल चार सौ ट्रेन में इसका इस्तेमाल शुरू कर दिया गया है। इसकी कीमत 40 हजार रुपये प्रति डिवाइस बताई जा रही है। ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम (जीपीएस) युक्त यह फॉग डिवाइस ट्रेन ड्राइवर के पास इंजन में रहता है। डिवाइस कोहरे में सिग्नल आने से 30-50 मीटर पहले ट्रेन ड्राइवर को इसकी सूचना दे देता है। ड्राइवर सतर्क होकर ट्रेन की गति पर नियंत्रण कर लेते है।
कोहरे से दो दर्जन ट्रेनें रद्द
कोहरे से रेलवे प्रशासन को 24 ट्रेनें रद्द करनी पड़ी हैं वहीं करीब 40 ट्रेनें देरी से चल रही हैं। कोहरे का असर हवाई यातायात पर भी पड़ा है। कोहरे के कारण तीन घरेलू फ्लाइट्स को रद्द करना पड़ा है और 11 फ्लाइट्स लेट हैं। रविवार रात करीब 1 बजे के बाद कोहरा बढ़ना शुरू हुआ और देखते ही देखते घने कोहरे की चादर ने दिल्ली-एनसीआर को ढक लिया।
अचानक बढ़ी धुंध की वजह से विजिबिलिटी 100 मीटर से भी कम रह गई। सड़कों पर वाहन रेंगते हुए दिखाई दिए। सोमवार सुबह कोहरा और घना हो गया। इसका असर रेल यातायात पर दिखा और कई ट्रेनें रद्द और कुछ का समय बदलना पड़ा। रेलवे के सूत्रों ने बताया कि अंबाला एक्सप्रेस, लिच्छवी एक्सप्रेस, तूफान सहित 24 ट्रेनों को रद्द कर दिया गया है। वहीं काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस 9 घंटे, रीवा एक्सप्रेस 8 घंटे, गोरखधाम एक्सप्रेस 5 घंटे लेट है। कई दूसरे ट्रेनों का समय भी बदला गया है।












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