अन्ना का भाषण और शिवाजी, टीपू सुल्तान के विचार

वो थे बेंगलुरु के सदाशिव और सुगुरेश। सदाशिव जहां छत्रपति शिवाजी महाराज के वेश में थे, वहीं सुगुरेश टीपू सुल्तान का वेश धारण किये हुए फ्रीडम पार्क की शोभा बढ़ा रहे थे। ये दोनों किसी नाटक कंपनी में काम नहीं करते हैं, ये बेंगलुरु के साधारण निवासी हैं। वनइंडिया से बातचीत में सुगुरेश ने बताया कि उन्होंने टीपू सुल्तान का वेश इसलिए धारण किया क्योंकि टीपू सुल्तान कभी कर्नाटक के सबसे प्रभावशाली शासक हुआ करते थे। और उन्होंने अपने राज में कभी नाइंसाफी बर्दाश्त नहीं की। जिस तरह उन्होंने अन्याय के खिलाफ अंग्रेजों से टक्कर ली थी, उसी प्रकार आज लोगों को लोकपाल बिल के लिए केंद्र सरकार से टक्कर लेनी होगी। इस टक्कर में सभी को अन्ना का साथ देना ही होगा।
वहीं सदाशिव ने कहा कि वो शिवाजी महाराज का वेश इसलिए धारण किये हुए हैं, क्योंकि अन्ना हजारे महाराष्ट्र के हैं और शिवाजी भी महाराष्ट्र के ही थे। शिवाजी हमेशा से देश को प्रांत में बांटने के खिलाफ रहे। उन्होंने भी दुश्मनों के खिलाफ लड़ते-लड़ते अपनी जान दे दी। आज चाहे यूपी, बिहार हो या महाराष्ट्र और या फिर तमिलनाडु या कर्नाटक सभी को एक जुट होकर लोकपाल के लिए आवाज उठानी होगी।
इन दोनों के अलावा एक व्यक्ति महात्मा गांधी के वेश में भी दिखा, जो इस आंदोलन को शांति और अहिंसा के माध्यम से आगे बढ़ाने की अपील कर रहे थे।












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