मुंबई बन सकती है अन्ना के अनशन का रणक्षेत्र

टीम अन्ना के सक्रिय सदस्य औऱ अन्ना के सहयोगी अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 27 दिसंबर से अन्ना के अनशन को ले कर कोई भी फैसला संसद की कार्यवाही को ध्यान में रख कर किया जाएगा। अगर संसद में सख्त लोकपाल बिल पेश हो गया तो उस दिन सिर्फ एक आम सभा कर संसद का आभार जताया जाएगा और साथ ही जनता की कामयाबी का जश्न मनाया जाएगा।
अगर संसद में सरकार ने लोगों को निराश किया तो अन्ना अनशन पर बैठ जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस दौरान आने वाले लोगों की बड़ी तादाद को देखते हुए जगह का फैसला मौसम के मुताबिक किया जाएगा। आपको बता दें कि गाजियाबाद में टीम अन्ना के कोर ग्रुप की बैठक चल रही है। बैठक के बाद ही यह तय किया गया कि पहले टीम संसद में लोकपाल पर होने वाली चर्चा को तवज्जो देगी।
उसके बाद ही कोई फैसला लिया जाएगा। इसी कड़ी में टीम अन्ना संसद में भी हाजिर होगी जिस दौरान लोकपाल के मुद्दे पर सदस्य संसद में चर्चा करेंगे। सूत्रों ने बताया कि कोर समूह की बैठक से पहले अन्ना ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी गुजारिश की कि वह लोकपाल के मुद्दे पर सरकार पर अपना दबाव बनाए क्योंकि वह सरकार को दो विभिन्न मुद्दे पर झुका चुकी हैं।
अन्ना ने कहा, ममता को सरकार में अपने रुतबे का इस्तेमाल लोकपाल जैसे मामले पर करना चाहिए। जैसा उन्होंने खुदरा कारोबार में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश के समय किया था। वहीं अरविंद केजरीवाल ने कहा कि सीबीआई को लोकपाल के दायरे में लाने को ले कर कोई समझौता करना भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई को कमजोर करना होगा। उन्होंने स्थायी समिति के अध्यक्ष अभिषेक मनु सिंघवी को संसद की भावनाओं के साथ ही जनता से भी धोखा करने का आरोप लगाया।












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