विनोद राय यूएन के आडिट पैनल का हिस्सा बने

आपको बता दें कि विनोद राय कैग से पहले वित्त सचिव के पद पर काम कर रहे थे। वहीं से सरकार ने उन्हें कैग की जिम्मेदारी दी। वह अपने कार्यकाल में पी. चिदंबरम के काफी करीब रहे हैं। क्योंकि चिदंबरम ने ही उन्हें इस पद की जिम्मेदारी सौपी थी। सरकार में निर्भिक होकर काम करने के कारण ही उन्हें संभवतः यूएन में इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिली है।
उधर, आईएएस प्रदीप शर्मा से सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आफकी जमानत पर अदालत विचार कर सकती है लेकिन इससे पहले उन्हें कुछ शर्तों का उल्लंघन न करने के संबंध में अदालत को आश्वस्त करना होगा। गुजरात कैडर के आईएएस प्रदीप शर्मा निजी फर्मों को भूमि आवंटन संबंधी केस में जेल में बंद हैं। जस्टिस आफताब आलम की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि शर्मा के मामले में अदालत आदेश जारी करेगी। लेकिन पहले वह आश्वस्त करें कि ट्रायल कोर्ट की हर सुनवाई में पेश होंगे और सप्ताह में एक बार क्षेत्रीय पुलिस थाने में हाजिरी लगाएंगे। पीठ ने कहा कि यह भी आश्वासन दें कि वह देश से बाहर नहीं जाएंगे और देश में कहीं भी आने-जाने के लिए राज्य प्राधिकरणों को सूचित करेंगे। पीठ ने आईएएस को इस संबंध में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया है। शर्मा पिछले सोलह माह से जेल में हैं। उन पर कच्छ जिले में निजी फर्मों को भूमि आवंटित करने में कथित तौर पर अनियमितता बरतने का आरोप है।












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