कानपुर का राजनैतिक इतिहास

Kanpur
कानपुर। कभी देश का मैनचेस्टर कहा जाने वाला कानपुर शहर को लोग प्रदेश की औद्योगिक राजधानी कहते है। कानपुर उत्तर प्रदेश का सबसे विशाल नग‍र है। चमड़े के उद्योग के लिए देश भर में मशहूर कानपुर शहर शिक्षा के क्षेत्र के लिए भारत में जाना जाता है।

कानपुर आईआईटी से पढ़े बच्चे आज भी भारत का नाम दुनिया में रौशन कर रहे हैं। मीडिया हब के ऱूप में भी कानपुर का नाम लिया जाता है। देश में सबसे ज्यादा पढ़ा जाने वाला हिन्दी दैनिक 'दैनिक जागरण' यही से प्रकाशित होता है। इसके अलावा और भी बड़े न्यूजपेपर हिंदुस्तान, अमर उजाला, आईनेस्ट भी यहां से प्रकाशित होते हैं।

चमड़ा व्यवसाय में नाम होने के बावजूद इस शहर और इस उद्योग को वो गति और दिशा नहीं मिल पायी है जिसका यह हकदार है। सरकारी उपेक्षा और संसाधनों की मार सहने वाला यह शहर बिजली और खराब सड़कों से जूझ रहा है। महानगर का दर्जा प्राप्त होने के बावजूद भी कानपुर को महानगरों जैसी सुविधाएं प्राप्त नहीं है।

आर्यनगर, बिल्हौर, बिठुर चौबेपुर, जनरलगंज, घाटमपुर, गोविंदनगर, कल्याणपुर, कानपुर कैंट, किदवई नगर, महाराज पुर, सरासौल और सिसामऊ, कानपुर जिले के मुख्य निर्वाचन क्षेत्र हैं। लंबे अरसे कांग्रेस का यहां दबदबा होने के बावजूद इस शहर में विकास की गति लगभग जीरो है।

बाकी यहां सियासी पार्टियों का जरूरत से ज्यादा दखल देने से शहर पिछड़ता जा रहा है। सियासी दौरे होते हैं, आरोपो का दौर चलता है लेकिन विकास के नाम पर कुछ नहीं होता है। राजधानी से मात्र 80 किमी दूर यह शहर हर बार चुनाव आने पर अपने दिन बहुरने की बात सोचता है लेकिन हर बार उसे मायूसी ही हाथ लगती है। केन्द्रीय मंत्री श्री प्रकाश जायसवाल के लगातार जीतने के बावजूद यह शहर अपनी बेबसी पर सिसकता ही रहता है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+