चिता के इंतजार में एक साल से पड़ी हैं 14 लाशें

अस्पताल सूत्रों ने कहा कि इन शवों की पहचान किसी ने भी नहीं की है। इस हालत में इन शवों का निपटारा नहीं किया जा सकता। हां अधिकारियों से अनुमति मिलने पर ऐसा किया जा सकता है। पुलिस ने बताया कि इनमें से आठ शव पिछले साल 16 जून को सालबोनी पुलिस थाना क्षेत्र के रंजा जंगल में मारे गए माओवादियों के हैं।
मारे गए माओवादियों की पहचान सागर, श्यामल, राघव, अर्जुन, तुराई और तीन महिलाओं माला, लक्ष्मी और बसंती के रूप में की गयी थी। ये लोग माओवादी नेता विकास और उसकी पत्नी तारा के समूह में शामिल थे। ये दोनों मौके से अपनी जान बचाकर भागने में सफल रहे थे।
बाकी छह माओवादी पिछले साल 26 जुलाई को गाअलतोर पुलिस थाना क्षेत्र के मेताला जंगल में हुए मुठभेड़ में मारे गए थे। इन छह लोगों में संधु-कान्हु जन मिलिशिया का प्रमुख सिंधु सोरेन भी शामिल था। इन लोगों को केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और संयुक्त बलों द्वारा की गयी छापेमारी में मारा गया था।












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