11 दिसंबर से जंतर-मंतर पर अन्ना का अनशन

लेकिन एमसीडी के एक अधिकारी के इस बयान से इस बात पर विराम लग गया क्योंकि उनका कहना था कि हमें अन्ना की ओर से आवेदन मिला है और हमने उनसे कहा था कि आपके आवेदन को आसानी से मंजूरी मिल जायेगी क्योंकि जिस तारीख के लिए अन्ना ने रामलीला मैदान मांगा है उस डेट पर किसी ने मैदान की बुंकिंग नहीं करवाई है। लेकिन अन्ना को अभी परमिशन नहीं दी गयी है और ना ही अन्ना के आवेदन में अनशन का जिक्र है।
जिसके बाद अब खबर आ रही है कि अन्ना हजारे अब अपना अनशन 11 दिसंबर को जंतर-मंतर पर करेंगे। अन्ना का अनशन पूरी तरह से सांकेतिक होगा। अन्ना ने सरकारी लोकपाल बिल के खिलाफ अनशन का ऐलान कर दिया है। अन्ना की ओर से उनके सहयोग मनीष सिसोदिया ने मीडिया से कहा था कि उन्हें एमसीडी से इजाजत मिल गई है लेकिन यह दिल्ली पुलिस की ओर से 'अनापत्ति प्रमाणपत्र" पर निर्भर करता है जो अभी तक नहीं मिला है।
मालूम हो कि अन्ना हजारे पहले ही घोषणा कर चुके हैं कि यदि मजबूत लोकपाल विधेयक पारित नहीं हुआ तो वह शीतकालीन सत्र के आखिरी दिन 22 दिसम्बर को अपना आंदोलन फिर से शुरू करेंगे। अन्ना पक्ष इस बात पर जोर दे रहा है कि लोकपाल विधेयक के दायरे में निचले नौकरशाह, उच्च न्यायपालिका, सिटीजन चार्टर और राज्य स्तर पर लोकायुक्त के गठन को लाया जाए।












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