दक्षिणी सागर में भारत की एंट्री से पहले चीन नौसेना का युद्धाभ्यास

दक्षिणी सागर की बात करें तो चीन इस पर अपना दावा करता है। वहीं वियतनाम, फिलीपिंस, ब्रूनेई और मलेशिया चीन के इस दावे का विरोध करते हैं। इस सागर को पश्चिमी प्रशांत का हिस्सा माना जाता है। हाल ही में संपन्न आसियन और पूर्व एशियाई सम्मेलनों में दक्षिण चीन सागर विवाद उठा था और चीन ने कहा था कि संबंधित पक्षों को द्विपक्षीय ढंग से इसका हल ढूढ़ना चाहिए। इतना ही नहीं चीन ने भारत को भी धमकी देते हुए कहा था कि जब तक इस इलाके में चीन और अन्य देशों के विवाद नहीं सुलझ जाते तब तक भारत को इस इलाके में तेल की खोज नहीं करनी चाहिए।
चीन ने अपने बयान में कहा है कि यह उनका नियमित अभ्यास है और यह किसी देश विशेष को ध्यान में रखकर नहीं किया जा रहा है। वैसे चीन की बढ़ती ताकत से महाशक्ति अमेरिका भी चिंतित है। चीन ने हाल ही में नई पनडुब्बियां, पोत और कई तरह की जहाज निरोधी मिसाइलें डेवलेप की हैं। चीन के इस अभियान पर चिंतित होते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने ऑस्ट्रेलिया संग मिलकर प्रशांत सागर में अपनी नौसेना की संख्या बढ़ाने की घोषणा की थी। चीन के इस कदम से भारत को भी सावधान हो जाना चाहिए।












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