कल्याण ने मायावती के फैसले को ठहराया सही

उन्होंने विरोध कर रही राजनीतिक पार्टियों को आड़े हाथों लिया है और उन्हें विकास एवं प्रगति का विरोधी बताया है। श्री सिंह ने कहा कि छोटे राज्यों के गठन से प्रशासनिक व्यवस्था मजबूत होगी और कानून एवं व्यवस्था सुधारने तथा जनता को न्याय दिलाने एवं विकास कायरें को गति देने में आसानी होगी। प्रदेश के विभाजन के लिए राज्य पुनर्गठन आयोग बनाए जाने की मांग करने के लिए कांग्रेस और भाजपा की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि देश के आजाद होने के बाद से गठित 17 में से 16 राज्यों के लिए इस तरह का कोई आयोग नहीं बनाया गया था।
उन्होंने कहा कि राज्य पुनर्गठन आयोग बनाने की मांग कर प्रदेश बंटवारे की मुहिम में अडंगा लगा रही है, जबकि हमने जब उत्तराखंड राज्य बनाया था तो तब राज्य पुनर्गठन आयोग नहीं बनाया गया था। उन्होंने कहा कि अब भाजपा ऐसी मांग कर प्रदेश के उत्थान में बाधा डाल रही है जबकि ने पृथक उत्तराखंड राज्य निर्माण करते वक्त भी पुनर्गठन आयोग बनाए जाने की जरूरत नहीं समझी थी। उन्होंने कहा कि विधानसभा से प्रदेश के विभाजन का प्रस्ताव पारित हो जाने के बाद अब गेंद केन्द्र सरकार के पाले में है। केन्द्र सरकार यदि इस दिशा में सकारात्मक कदम नहीं उठाती है तो उसे विकास विरोधी माना जायेगा।












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