टाटा को मिल गया नया उत्तराधिकारी

शार्पूरजी-पैलनजी ग्रुप की टाटा ग्रुप में सबसे बड़ी साझेदारी है। रतन टाटा के साथ सायरस मिस्त्री के पारिवारिक रिश्ते हैं। पहले यह बात की जा रही थी कि टाटा संस अपनी कंपनी के लिए बाहर के किसी शख्स को कंपनी का चेयरमैन बनाया जाएगा। अगर टाटा ग्रुप की बात की जाए तो यह पहला मौका है जब कंपनी का उत्तराधिकारी टाटा के सरनेम से न हो। हालांकि मिस्त्री का इस कंपनी से काफी पुराना नाता रहा है।
टाटा ग्रुप में डेढ़ लाख से अधिक लोग काम कर रहे हैं। कंपनी का कारोबार इस समय तक साढ़े तीन लाख करोड़ से अधिक है। कंपनी का ज्यादातर व्यापार विदेशों से होता है। जिस वजह से भी सायरस मिस्त्री एक बड़ा नाम नजर आ रहा है। सायरस मिस्त्री की पढ़ाई लंदन से हुई है। वे अपनी कंपनी शार्पूरजी-पैलनजी को काफी आगे लेकर गए हैं।












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