एक और मुन्नाभाई पायलट दबोचा गया

अपराध शाखा उपायुक्त अशोक चांद के अनुसार, डीजीसीए के विजिलेंस ऑफिसर ने इस बाबत अपराध शाखा में शिकायत की थी। शिकायत में कहा गया था कि वसंत कुंज निवासी पायलट अनिरुद्ध किरण देशपांडेय ने व्यवसायिक हवाई जहाज (सीपीएल) उड़ाने का लाइसेंस वर्ष 2008 में यूएसए से लिया था। इसके बाद वह भारत आ गया। विदेशी लाइसेंस के आधार पर वह भारत का सीपीएल लाइसेंस लेना चाहता था। इसके लिए वह डीजीसीए द्वारा जुलाई, 2009 में आयोजित दो परीक्षाएं एयर नेविएशन कॉपोसाइड और एयर रेगुलेशन में बैठा। वह एयर रेगुलेशन की परीक्षा पास नहीं कर पाया। अक्तूबर, 2009 और जनवरी, 2010 में उसने परीक्षा फिर दी। इसके बाद भी वह पास नहीं हो पाया।
इस दौरान उसे डीजीसीए कार्यालय के सामने गाजियाबाद का एजेंट ओपी मल्होत्रा मिला। मल्होत्रा ने उसे परीक्षा पास करवाने आश्वासन दिया। सौदा तीन लाख रुपये में तय हो गया और एक लाख 80 हजार रुपये उसे नकद दिए गए। अप्रैल, 2010 में अनिरुद्ध ने फिर परीक्षा दी लेकिन फेल हो गया। जुलाई 2010 में मल्होत्रा ने अनिरुद्ध को डीजीसीए कार्यालय के बाहर बुलाया और उसे मार्कशीट देते हुए कहा कि उसने परीक्षा पास कर ली है। मार्कशीट के आधार पर उसने 20 जुलाई, 2010 को सीपीएल के लिए आवेदन कर दिया। डीजीसीए में जांच के दौरान पता लगा कि मार्कशीट फर्जी है। पुलिस फर्जी पायलट लाइसेंस मामले में अब तक 17 पायलट को गिरफ्तार कर चुकी है।












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